बड़े और छोटे शहरों में आज भी बड़ी संख्या में लोग किराए के घरों में रहते हैं। किराए का घर लेने से पहले मकानमालिक और किराएदर के बीच रेंट एंग्रीमेंट जरूरी है। इसका मकसद मकानमालिक और किराएदार दोनों के हितों की सुरक्षा है। मकानमालिक का उसके घर पर कानूनी अधिकार बना रहता है, जबकि किराएदार को घर के मेंटेनेंस पर खर्च नहीं करना पड़ता है। यह जिम्मदेरी मकानमालिक की होती है। लेकिन, कई बार मकानमालिक के हित को ध्यान में रख रेंट एंग्रीमेंट बनाया जाता है। यह ठीक नहीं है। लीव एंड लाइसेंस रेंटल एंग्रीमेंट इस समस्या का समाधान हो सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
