दिसंबर का महीना न सिर्फ स्टॉक मार्केट बल्कि इकोनॉमी के लिए भी काफी अहम है। इस महीने कई बड़े इवेंट्स हैं। इनमें सबसे अहम आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी है। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक 4 दिसंबर को शुरू होगी। इसके नतीजे 6 दिसंबर को आएंगे। सबकी नजरें इस बात पर लगी हैं कि आरबीआई इंटरेस्ट रेट में कमी करता है या नहीं। आइए दिसंबर के अहम इवेंट्स के बारे में विस्तार से जानते हैं।
31 दिसंबर तक फाइल हो सकता है बिलेटेड इनकम टैक्स रिटर्न
ऐसे टैक्सपेयर्स जो किसी वजह से 31 जुलाई तक इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल नहीं कर सके, वे 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न (Belated Income Tax Return) फाइल कर सकते हैं। रिटर्न फाइल नहीं करने पर पेनाल्टी लगेगी। इसलिए 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न फाइल करना बहुत जरूरी है।
इंटरेस्ट रेट घटा तो Sensex और Nifty मेंं आएगा उछाल
आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी के नतीजे मार्केट और इकोनॉमी दोनों के लिए काफी अहम हैं। अक्टूबर की पिछली मॉनेटरी पॉलिसी में RBI ने लगातार 10वीं बार रेपो रेट में बदलाव नहीं किया। रेपो रेट 6.5 फीसदी पर बना हुआ है। हालांकि, अक्टूबर की पॉलिसी में केंद्रीय बैंक ने अपना रुख बदल दिया। उसने इसे 'विड्रॉल ऑफ एकोमोडेशन' से 'न्यूट्रल' कर दिया। मई 2022 के बाद से पहली बार RBI ने अपने रुख में बदलाव किया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह इस बात का संकेत है कि केंद्रीय बैंक अपनी पॉलिसी में बदलाव करने के लिए तैयार है। अगर आरबीआई इंटरेस्ट रेट में कमी करता है तो इससे Sensex और Nifty में बड़ा उछाल आ सकता है।
इनफ्लेशन बढ़ने से इंटरेस्ट रेट में कमी पर संशय
ज्यादातर इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि आरबीआई अगले साल फरवरी में इंटरेस्ट रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की कमी कर सकता है। लेकिन, जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने और इकोनॉमिक ग्रोथ सुस्त पड़ने की आशंका को देखते हुए रेपो रेट में कमी की उम्मीद पर संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। इस बीच, इनफ्लेशन खासकर फूड इनफ्लेशन भी बढ़ा है। ऐसे में दिसंबर में इंटरेस्ट रेट में कमी की उम्मीद घटती दिख रही है। मनीकंट्रोल के पोल में ज्यादातर इकोनॉमिस्ट्स का कहना था कि फरवरी में इंटरेस्ट रेट में संभावना 60 फीसदी दिख रही है।
आधार फ्री में अपडेट करने की डेडलाइन 14 दिसंबर
UIDAI ने कहा है कि आधार को बगैर फीस अपडेट कराने की अंतिम तारीख 14 दिसंबर है। कोई व्यक्ति 14 दिसंबर तक बगैर फीस आधार में अपना नाम, एड्रेस और जन्म की तारीख में बदलाव कर सकता है। यह काम ऑनलाइन कराया जा सकता है। आधार को हर 10 साल पर अपडेट कराना जरूरी है। 14 दिसंबर के बाद आधार को अपडेट कराने पर फीस देनी होगी। हर अपडेट के रिक्वेस्ट पर 50 रुपये की फीस लगेगी। आधार सेंटर्स के जरिए फीस के पेमेंट से आधार के डिटेल को अपडेट कराया जा सकेगा।
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एडवान्स टैक्स जमा करने की डेडलाइन 15 दिसंबर
एडवान्स टैक्स की अंतिम किस्त जमा करने की डेडलाइन 15 दिसंबर है। कई सैलरीड इंडिविजुअल यह सोचते हैं कि वे एडवान्स टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं। लेकिन, अगर किसी सैलरीड इंडिविजुअल को सैलरी के अलावा दूसरे सोर्स से भी इनकम होती है तो उसके लिए एडवान्स टैक्स पेमेंट करना जरूरी है। इनमें रेंटल इनकम, डिपॉजिट पर इंटरेस्ट, कैपिटल गेंस आदि से होने वाली इनकम शामिल है। इसलिए अगर आपको दूसरे सोर्स से इनकम है तो सैलरीड एंप्लॉयी होने के बावजूद आपके लिए एडवान्स टैक्स कि किस्त का पेमेंट करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आप पर पेनाल्टी लगा सकता है।