रेपो रेट नहीं घटने के बाद भी इन 5 तरीकों से कम कर सकते हैं अपनी EMI

RBI इंटरेस्ट रेट घटाने से पहले फूड इनफ्लेशन को काबू में करना चाहते है। ऐसे में रेपो रेट में कमी आने पर थोड़ा वक्त लग सकता है। इसलिए होम लोन लेने वाले लोग अगर EMI का बढ़ा बोझ उठाने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं तो वे इसमें कमी के लिए कुछ उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं

अपडेटेड Apr 05, 2024 पर 6:18 PM
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मई 2022 से फरवरी 2023 के बीच RBI ने रेपो रेट लगातार बढ़ाया था। इस दौरान रेपो रेट 4 फीसदी से बढ़कर 6.5 फीसदी हो गया।

RBI की 5 अप्रैल को आई मॉनेटरी पॉलिसी से इस बात का संकेत मिला है कि रेपो रेट में कमी के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। होम लोन लेने वाले लोग रेपो रेट घटने का इंतजार कर रहे हैं। इसकी वजह है कि रेपो रेट घटने पर उनके होम लोन का इंटरेस्ट रेट घटेगा। इससे उनकी EMI कम होगी। दरअसल मई 2022 से फरवरी 2023 के बीच RBI ने रेपो रेट लगातार बढ़ाया था। इस दौरान रेपो रेट 4 फीसदी से बढ़कर 6.5 फीसदी हो गया। रेपो रेट में 2.5 फीसदी की वृद्धि ने होम लोन लेने वाला बजट बिगाड़ दिया। उनकी EMI काफी बढ़ गई। कुछ लोगों ने तो होम लोन की अवधि बढ़ाकर अपने EMI को बढ़ने नहीं दिया। लेकिन, ऐसे कई लोग हैं, जिनके लिए होम लोन की अवधि बढ़ाना मुमकिन नहीं है। बहुत मुश्किल से वे बढ़ी हुई EMI चुका रहे हैं।

अगर आप भी होम लोन की ज्यादा EMI से परेशान है तो मनीकंट्रोल इसे कम करने के लिए आपको कुछ विकल्प बता रहा है। इसकी वजह यह है कि RBI रेपो रेट बढ़ाने में देर कर सकता है। रिटेल इनफ्लेशन तो नीचे आया है। लेकिन, फूड इनफ्लेशन अब भी ज्यादा है। जब तक फूड इनफ्लेशन कंट्रोल में नहीं आ जाता केंद्रीय बैंक रेपो रेट नहीं बढ़ाएगा।

दूसरे बैंक में लोन स्विच करने का विकल्प

अगर आपका बैंक होम लोन पर दूसरे बैंकों से ज्यादा इंटरेस्ट वसूल रहा है तो आप लोन को दूसरे बैंक में स्विच करने का विकल्प अपना सकते हैं। इसके लिए आपको थोड़ा रिसर्च करना होगा। आपको यह देखना होगा कि किन बैंकों के होम लोन का इंटरेस्ट आपके होम लोन के इंटरेस्ट से कम है। कम इंटरेस्ट रेट वाले बैंक से बात कर आप अपना लोन उसके यहां ट्रांसफर कर सकते हैं। इससे आपके लोन की EMI कम हो जाएगी।


बेहतर क्रेडिट स्कोर का फायदा

होम लोन की EMI अगर आप समय पर चुकाते हैं तो हो सकता है कि आपका क्रेडिट स्कोर बढ़ा हो। कई लोग बिल्कुल लोन नहीं लेते हैं। लोन नहीं लेने और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं करने वाले लोगों का क्रेडिट स्कोर उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे लोग जब बैंक के पास लोन लेने के लिए जाते हैं तो बैंक उनसे सामान्य से ज्यादा इंटरेस्ट वसूलते हैं। इसलिए आपको चेक करना होगा कि आपका क्रेडिट स्कोर क्या है। अगर यह 800 या इससे ज्यादा है तो कम इंटरेस्ट रेट पर लोन लेने के हकदार है। कुल क्रेडिट स्कोर 900 का होता है।

प्री-पेमेंट का करें इस्तेमाल

अगर आप नौकरी करते हैं तो आने वाले महीनों में आपका इंक्रीमेंट होगा। आपको बोनस भी मिलेगा। आप इस पैसे का इस्तेमाल अपने होम लोन के एक हिस्से को चुकाने के लिए कर सकते हैं। अच्छा इंक्रीमेंट होने पर आप बैंक से अपनी EMI बढ़ाने को भी कह सकते हैं। इससे आपका लोन जल्द खत्म हो जाएगा। इंटरेस्ट के रूप खर्च होने वाला आपका पैसा बचेगा।

पुराने बेंचमार्क का इस्तेमाल करने वाले बैंक

आरबीआई ने अक्टूबर 2019 में यह नियम बनाया था कि होम लोन का इंटरेस्ट तय करने के लिए बैंकों को किसी एक्सटर्नल बेंचमार्क का इस्तेमाल करना होगा। ज्यादातर बैंक रेपो रेट को बतौर एक्सटर्नल बेंचमार्क इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, कुछ बैंक खासकर सरकारी बैंकों का होम लोन अब भी एमसीएलआर से लिंक्ड है। आपको चेक करना होगा कि एमसीएलआर से लिंक्ड उनके होम लोन का इंटरेस्ट कम है या ज्यादा। अगर उनका इंटरेस्ट रेट आपके बैंक से कम है तो आप अपना लोन उस बैंक में ट्रांसफर करा सकते हैं।

लोन की अवधि बढ़ाएं

अगर आपके लिए ऊपर बताए गए चार में से किसी विकल्प का इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं है तो आप अपने होम लोन की अवधि बढ़ाने के लिए बैंक से कह सकते हैं। हालांकि, इससे आपकी EMI कम हो जाएगी, लेकिन इंटरेस्ट पर होने वाला आपका कुल खर्च बढ़ जाएगा। इसलिए यह आपका अंतिम विकल्प होना चाहिए। यह उन लोगों के लिए है जो ज्यादा EMI का बोझ चाहकर भी नहीं उठा सकते।

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