Republic Day Sale 2026: दो दिग्गज ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स- Amazon और Flipkart की Republic Day Sale 2026 अब लाइव हो चुकी है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी, फैशन और होम अप्लायंसेज पर भारी छूट के चलते लाखों लोग ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं।

Republic Day Sale 2026: दो दिग्गज ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स- Amazon और Flipkart की Republic Day Sale 2026 अब लाइव हो चुकी है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी, फैशन और होम अप्लायंसेज पर भारी छूट के चलते लाखों लोग ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं।
कई प्रोडक्ट्स पर 80% तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है। iPhone, Samsung Galaxy और बजट मोबाइल्स पर खास ऑफर्स मिल रहे हैं। हर साल की तरह इस बार भी Republic Day Sale भारत के सबसे व्यस्त ऑनलाइन शॉपिंग सीजन में से एक बन गई है। लेकिन, इससे बड़े पैमाने पर ऑनलाइन ठगी का खतरा भी बढ़ गया।
ऑनलाइन ठगी का खतरा भी बढ़ा
Prime-only डील्स, बैंक कैशबैक और आसान EMI विकल्प जहां ग्राहकों को ज्यादा खरीदारी के लिए प्रेरित कर रहे हैं, वहीं एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि इसी दौरान ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़ते हैं।
फर्जी वेबसाइट्स, इंस्टाग्राम पर नकली प्रमोशनल ऑफर्स, फिशिंग लिंक और पेमेंट स्कैम इस समय सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं। Republic Day Sale को ऑनलाइन फ्रॉड के लिहाज से हाई-रिस्क पीरियड माना जाता है।
साइबर इंश्योरेंस क्यों बन रहा है जरूरी
Bajaj General Insurance Limited के चीफ टेक्निकल ऑफिसर- कमर्शियल अमरनाथ सक्सेना का कहना है कि शॉपिंग के इस उत्साह का फायदा उठाकर ठग फिशिंग अटैक, फर्जी वेबसाइट्स और पेमेंट स्कैम लॉन्च करते हैं। ऐसे माहौल में साइबर इंश्योरेंस आम लोगों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
साइबर इंश्योरेंस कैसे करता है नुकसान की भरपाई
साइबर इंश्योरेंस पॉलिसी ऑनलाइन जोखिमों से होने वाले वित्तीय नुकसान से सुरक्षा देती है। इसमें अनधिकृत ट्रांजैक्शन, पहचान की चोरी, फिशिंग, साइबर एक्सटॉर्शन और डेटा ब्रीच जैसे मामले शामिल होते हैं।
अगर डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी चोरी हो जाती है और उससे फर्जी ऑनलाइन खरीदारी या पैसे ट्रांसफर होते हैं, तो पॉलिसी की शर्तों के तहत नुकसान की भरपाई की जा सकती है।
किन मामलों में साइबर इंश्योरेंस काम नहीं करता
Policybazaar for Business में साइबर इंश्योरेंस के बिजनेस हेड अंकित गुप्ता बताते हैं कि साइबर इंश्योरेंस उन मामलों को कवर नहीं करता, जहां नुकसान खुद की लापरवाही से हुआ हो। जैसे जानबूझकर OTP, PIN या पासवर्ड शेयर करना, चेतावनी के बावजूद संदिग्ध ट्रांजैक्शन को मंजूरी देना या किसी फर्जी कॉल और मैसेज पर खुद जानकारी देना।
अंकित गुप्ता के मुताबिक, आज AI से चलने वाले स्कैम और बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले फर्जी ऑनलाइन स्टोर्स तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में साइबर इंश्योरेंस सिर्फ पैसे की ही नहीं, बल्कि डिजिटल पहचान और मानसिक शांति की भी सुरक्षा करता है।
ठगी का शक हो तो क्या करना चाहिए
अगर किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करना जरूरी है, ताकि कार्ड ब्लॉक किया जा सके और आगे नुकसान न हो। इसके साथ ही सरकारी साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत नुकसान की भरपाई के लिए तय समय सीमा, आमतौर पर 24 से 48 घंटे के भीतर, इंश्योरेंस कंपनी को जानकारी देना भी जरूरी होता है।
ठगी से बचने के आसान तरीके
ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
कार्ड इस्तेमाल करने का स्मार्ट तरीका
अमरनाथ सक्सेना सलाह देते हैं कि क्रेडिट कार्ड की लिमिट हमेशा कम रखनी चाहिए। अगर कभी ज्यादा खर्च करना हो, तो बैंक या कार्ड इश्यूअर की ऐप से कुछ सेकंड में लिमिट बढ़ाई जा सकती है और ट्रांजैक्शन पूरा होते ही फिर से लिमिट घटाई जा सकती है। जब विदेश यात्रा न हो, तो इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन का विकल्प बंद रखना भी समझदारी है।
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