शेयर बाजार पर रिटेल इनवेस्टर्स का भरोसा बरकरार, गिरावट के बावजूद जमकर किया निवेश

मार्च 2026 में बाजार गिरने के बावजूद रिटेल निवेशकों का भरोसा कायम रहा। म्यूचुअल फंड AUM में गिरावट आई, लेकिन SIP और इक्विटी इनफ्लो रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे। जानिए कैसे गिरावट में भी निवेश जारी रहा।

अपडेटेड Apr 15, 2026 पर 5:44 PM
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बाजार गिरने के बावजूद निवेशकों ने पैसा लगाना जारी रखा।

शेयर बाजार में मार्च 2026 में गिरावट जरूर देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद रिटेल निवेशकों का भरोसा कमजोर नहीं पड़ा। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल वैल्यू (AUM) में गिरावट आई, फिर भी निवेश का फ्लो मजबूत बना रहा। मोतीलाल ओसवाल की ताजा रिपोर्ट यही तस्वीर दिखाती है।

AUM में तेज गिरावट

रिपोर्ट के मुताबिक, कुल म्यूचुअल फंड AUM मासिक आधार पर 10.1% घटकर ₹73.7 लाख करोड़ पर आ गया। यह गिरावट लगभग सभी कैटेगरी- इक्विटी, लिक्विड, इनकम, ETF और बैलेंस्ड फंड में देखने को मिली।


इक्विटी AUM भी 9.3% घटकर ₹35.1 लाख करोड़ रह गया, जो 11 महीने का सबसे निचला स्तर है। इस दौरान निफ्टी में 11.3% की गिरावट आई, जिसका सीधा असर म्यूचुअल फंड की वैल्यू पर पड़ा।

गिरावट के बीच भी मजबूत इनफ्लो

बाजार गिरने के बावजूद निवेशकों ने पैसा लगाना जारी रखा। ग्रॉस इक्विटी इनफ्लो 41.4% बढ़कर ₹1.024 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

वहीं, रिडेम्प्शन भी 24.6% बढ़कर ₹539 अरब हो गया। इसके बावजूद नेट इनफ्लो 17 महीने के उच्च स्तर ₹485 अरब तक पहुंच गया, जो फरवरी के ₹292 अरब से काफी ज्यादा है।

SIP बना सबसे बड़ा सहारा

इस पूरे दौर में SIP निवेश ने बाजार को सहारा दिया। SIP के जरिए निवेश बढ़कर रिकॉर्ड ₹320.9 अरब पर पहुंच गया।

यह आंकड़ा मासिक आधार पर 7.5% और सालाना आधार पर 23.8% ज्यादा है। इससे साफ है कि रिटेल निवेशक लगातार निवेश बनाए रखे हुए हैं, चाहे बाजार में उतार-चढ़ाव क्यों न हो।

सेक्टर में बदलता निवेश रुझान

मार्च के दौरान म्यूचुअल फंड्स ने अपने निवेश का फोकस भी बदला। हेल्थकेयर, टेक्नोलॉजी और यूटिलिटीज सेक्टर में हिस्सेदारी बढ़ाई गई। वहीं, प्राइवेट बैंक और ऑटो सेक्टर में निवेश घटाया गया।

हेल्थकेयर में हिस्सा बढ़कर 7.8% हो गया और टेक्नोलॉजी 7.3% तक पहुंच गई। वहीं प्राइवेट बैंक का हिस्सा घटकर 17.6% रह गया, हालांकि यह अब भी सबसे बड़ा सेक्टर बना हुआ है।

DII ने संभाला बाजार

डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII) के स्तर पर भी दिलचस्प ट्रेंड दिखा। घरेलू निवेशकों ने $15.4 बिलियन का निवेश किया, जिससे विदेशी निवेशकों के $14.2 बिलियन के आउटफ्लो का असर काफी हद तक संतुलित हो गया।

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट बताती है कि बाजार में गिरावट के बावजूद रिटेल निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। खासकर SIP के जरिए लगातार आने वाला पैसा बाजार को स्थिरता दे रहा है। हालांकि गिरावट की वजह से AUM और वैल्यूएशन पर दबाव जरूर दिख रहा है, लेकिन निवेश का फ्लो अभी भी मजबूत बना हुआ है।

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