Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) : क्या आपने अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग कर ली है? अगर नहीं की है तो हम आपको ऐसी सरकारी स्कीम के बारे में बता रहे हैं, जिसमें निवेश से सालाना 2 लाख रुपये से ज्यादा इनकम का इंतजाम हो जाएगा। यह सरकारी स्कीम है, जिससे इसमें निवेश को लेकर किसी तरह का रिस्क नहीं है। आइए इस स्कीम के बारे में विस्तार से जानते हैं।
हम बात कर रहे हैं सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) की। यह स्कीम इंडिया पोस्ट की है, जिससे यह पूरी तरह सुरक्षित है। 60 साल या इससे ज्यादा उम्र का कोई व्यक्ति पोस्ट ऑफिस में SCSS अकाउंट ओपन कर सकता है। इस अकाउंट में 1000 रुपये से लेकर मैक्सिमम 15,00,000 रुपये डिपॉजिट किया जा सकता है। इस स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल है।
SCSS का इंटरेस्ट रेट सालाना 7.4 फीसदी है। यह ज्यादातर बैंकों के एफडी के इंटरेस्ट रेट से ज्यादा है। अगर रिटेल इनफ्लेशन रेट 7 फीसदी मान लिया जाए तो यह उससे ज्यादा है। इसका मतलब है कि आपको अपने पैसे पर पॉजिटिव रिटर्न मिलेगा।
यह स्कीम कितने साल में मैच्योर हो जाती है?
इस अकाउंट में अगर आप 15 लाख रुपये डिपॉजिट करते हैं तो सालाना 7.4 फीसदी इंटरेस्ट रेट के मुताबिक एक साल में बतौर इंटरेस्ट 1,11,000 रुपये मिलेंगे। हर तिमाही यह अमाउंट 27,750 रुपये होगा। SCSS इंटरेस्ट का पेमेंट हर तिमाही होता है। इस तरह 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर को इंटरेस्ट अमाउंट आपके अकाउंट में आ जाएगा। खास बात यह है कि एससीएसएस अकाउंट खोलते वक्त जो इंटरेस्ट रेट होगा, वह पूरे 5 साल के लिए लॉक हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि अगर अभी आप अकाउंट ओपन करते हैं तो पूरे पांच साल तक आपका इंटरेस्ट रेट 7.4 फीसदी होगा।
कैसे होगी सालाना 2 लाख रुपये की इनकम?
सरकार ने रिटायर्ड लोगों को SCSS के तहत ज्वाइंट अकाउंट ओपन करने की इजाजत दी है। इसका मतलब यह है कि आप अपनी पत्नी के साथ इस स्कीम में ज्वाइंट अकाउंट ओपन कर सकते हैं। ज्वाइंट अकाउंट की वजह से इस स्कीम में डिपॉजिट की मैक्सिमम लिमिट बढ़कर 30 लाख रुपये हो जाती है। इस तरह पत्नी और पत्नी को इस पैसे पर सालाना 2,22,000 रुपये (1,11,000+1,11,000) इंटरेस्ट के रूप में मिलेंगे। इससे पति और पत्नी को सालाना 2.22 लाख रुपये की रिस्क-फ्री इनकम होगी।
क्या टैक्स छूट भी मिलती है?
इस स्कीम में किए गए डिपॉजिट पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स डिडक्शन की सुविधा मिलती है। किसी एक फाइनेंशियल ईयर में SCSS से 50,000 रुपये से ज्यादा के इंटरेस्ट अमाउंट पर टैक्स लगता है। कुल इंटरेस्ट अमाउंट पर TDS काटा जाएगा। लेकिन, फॉर्म 15G/15H सब्मिट करने पर अगर कुल इंटरेस्ट इनकम टैक्स छूट की सीमा से कम रहती है तो टीडीएस का नियम लागू नहीं होगा।
अकाउंट मैच्योर होने के बाद क्या होगा?
एससीएसएस अकाउंट ओपन करने के 5 साल बाद मैच्योर हो जाता है। आपको आपका पैसा वापस कर दिया जाएगा। लेकिन, अगर आप इसे जारी रखना चाहते हैं तो मैच्योरिटी की तारीख से अगले तीन साल तक आप इसे जारी रख सकते हैं। इस दौरान आपको उसी रेट से इंटरेस्ट मिलता रहेगा, जिस रेट से पांच साल तक मिला है।