Retirment Planning: हर महीने सिर्फ 15000 रुपये के सिप निवेश से तैयार हो जाएगा 10 करोड़ का रिटायरमेंट फंड, यहां जानिए पूरा कैलकुलेशन

10 करोड़ का रिटायरमेंट फंड तैयार करना सुनने में नामुमकिन लग सकता है। लेकिन, स्मार्ट प्लानिंग, इनवेस्टमेंट में अनुशासन और धैर्य रखने पर यह फंड तैयार हो सकता है। लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार करने में सबसे ज्यादा रोल कंपाउंडिंग का होता है

अपडेटेड Aug 19, 2025 पर 6:03 PM
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आप जितना जल्द इनवेस्टमेंट शुरू करते हैं आपके निवेश को बढ़ाने के लिए कंपाउंडिंग को उतना ज्यादा समय मिल जाता है।

इनवेस्टमेंट से आप बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो एक बात आपको सबसे पहले समझ लेना जरूरी है। आप जितना जल्द इनवेस्ट करना शुरू करेंगे, उतना बड़ा फंड आप तैयार कर सकेंगे। 10 करोड़ का रिटायरमेंट फंड तैयार करना सुनने में आपको नामुमकिन लग सकता है। लेकिन, स्मार्ट प्लानिंग, इनवेस्टमेंट में अनुशासन और धैर्य रखने पर यह फंड तैयार हो सकता है। लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार करने में सबसे ज्यादा रोल कंपाउंडिंग का होता है।

उम्र जितनी कम होगी सिप अमाउंट उतना कम होगा

अगर आपकी उम्र आज 25 साल है तो 60 की उम्र तक 10 करोड़ का Retirment Fund तैयार करने के लिए आपको सिप के जरिए हर महीने 15,000 रुपये का निवेश करना होगा। यह निवेश म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में करना होगा। इस कैलकुलेशन में फंड का सालाना रिटर्न 12 फीसदी माना गया है। अगर आप 30 की उम्र में यह टारगेट हासिल करना चाहते हैं तो आपका सिप अमाउंट बढ़कर हर महीने 28,000 रुपये हो जाएगा। अगर आप और देर से मान लीजिए 40 साल की उम्र में इनवेस्टमेंट की शुरुआत करते हैं तो आपका सिप का मंथली अमाउंट बढ़कर 1,00,000 रुपये हो जाएगा। यह 25 की उम्र में जरूरी सिप अमाउंट का करीब छह गुना है।


हर साल 3-3.5 फीसदी तक कर सकते हैं विड्रॉल

आपको अभी 10 करोड़ का फंड ज्यादा लग सकता है। लेकिन, आपके रिटायरमेंट के लिए यह फंड जरुरी है। ज्यादातर फाइनेंशियल प्लैनर्स का कहना है कि रिटायरमेंट के दौरान आपको हर साल अपने फंड का सिर्फ 3-3.5 फीसदी निकालना चाहिए। ऐसा करने से आपका पैसा तब तक चलेगा, जब तक आप चाहेंगे। इसका मतलब है कि अगर 60 साल की उम्र में आपके पास 10 करोड़ रुपये हैं तो 3 फीसदी निकालने से आपके पास एक साल में 30 लाख रुपये आएंगे। अगर आप एक साल में 3.5 फीसदी निकालते हैं तो आपके पास 35 लाख रुपये आएंगे।

रिटायरमेंट प्लानिंग में इनफ्लेशन के असर का भी ध्यान रखना होगा

रिटायरमेंट के बाद एक साल में 30 लाख या 35 लाख रुपये आपके लिए पर्याप्त हो सकते हैं। इससे आपका मेडिकल खर्च, खानेपीने का खर्च और लाइफ स्टाइल खर्च आसानी से पूरे हो जाएंगे। दूसरा, रिटायरमेंट फंड जल्द खत्म होने की चिंता भी आपको नहीं रहेगी। सबसे जरूरी यह है कि आपको अपने रिटायरमेंट फंड पर इनफ्लेशन के असर का भी ध्यान रखना होगा।

कंपाउंडिंग का फायदा लंबी अवधि के निवेश में मिलता है

आप जितना जल्द इनवेस्टमेंट शुरू करते हैं आपके निवेश को बढ़ाने के लिए कंपाउंडिंग को उतना ज्यादा समय मिल जाता है। कंपाउंडिंग का मतलब यह है कि आपके पैसे पर रिटर्न मिलता है। वह रिटर्न आपके पैसे में जुड़ जाता है। इससे आपके पैसे पर और ज्यादा रिटर्न मिलता है। यह प्रोसेस सालों-साल चलता रहता है। यह एक पौधा लगाने जैसा है। आप पौधा जितना जल्द लगाएंगे उतना जल्द वह बढ़ना शुरू कर देगा। कुछ सालों बाद वह बड़ा पेड़ बन जाएगा।

आप कम सिप अमाउंट से भी कर सकते हैं शुरुआत

उदाहरण के लिए 25 साल की उम्र में हर महीने 15,000 रुपये का निवेश मुश्किल नहीं लगता है। लेकिन, 40 साल की उम्र में हर महीने 1,00,000 रुपये का निवेश काफी मुश्किल लगता है। खासकर तब जब व्यक्ति पर बच्चों के एजुकेशन और होम लोन जैसे खर्चों का बोझ होता है।

हर साल सिप अमाउंट 10 फीसदी बढ़ा सकते हैं

ऐसे में पहला कदम आपके लिए यह है कि आपके लिए जितना अमाउंट मुमकिन है, उतना आप सिप से हर महीने इनवेस्ट करना शुरू कर दें। अगर आपको हर महीने 15,000 रुपये ज्यादा लगता है तो आप हर महीने 10,000 रुपये या 5,000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं। फिर आपकी इनकम जैसे-जैसे बढ़ेगी आप सिप अमाउंट को बढ़ा सकते हैं। अगर आप हर साल सिप के अमाउंट को 10 फीसदी भी बढ़ाते हैं तो आप पर हर महीने निवेश का बोझ कम हो जाएगा।

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निवेश में अनुशासन बनाए रखना होगा

आपको यह निवेश इक्विटी फंड में करना होगा। लंबी अवधि में म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम का रिटर्न किसी दूसरे एसेट क्लास के मुकाबले ज्यादा रहता है। 30-35 साल में इक्विटी फंड का रिटर्न शानदार रहता है। आपको इनवेस्टमेंट शुरू करने के बाद उसका रिव्यू करते रहना होगा। कई बार मार्केट में उतार-चढ़ाव से आपके निवेश की वैल्यू बढ़ या घट सकती है। लेकिन, इस पर आपको ध्यान नहीं देना होगा। आपको किसी दबाव में आए बगैर निवेश में अनुशासन बनाए रखना होगा। लंबी अवधि में इनवेस्टमेंट जारी रखने के साथ ही आपको हेल्थ इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस भी लेना होगा।

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