डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट जारी है। 20 दिसंबर को रुयया गिरकर 85.10 के लेवल पर आ गया। डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना सिर्फ सरकार और आरबीआई के लिए चिंता की बात नहीं है बल्कि यह आम आदमी के लिए भी मुश्किल पैदा कर सकता है। इसकी वजह यह है कि इसका असर विदेशी यात्रा, विदेश में पढ़ाई, विदेश में इलाज जैसे खर्चों पर भी पड़ेगा। इसके अलावा इंडिया में उन चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिनका हम आयात करते हैं। दलहन, खाद्य तेल सहित रोजमर्रा की चीजों का इंडिया आयात करता है। इसके अलावो गोल्ड और फ्यूल का भी इंपोर्ट होता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
