भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने ग्राहकों को राहत और निवेशकों को हल्का झटका देने वाला फैसला लिया है। बैंक ने होम लोन समेत कई रिटेल लोन की ब्याज दरें घटा दी हैं, वहीं चुनिंदा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरों में कटौती की है। यह बदलाव 15 दिसंबर 2025 से लागू होगा।
- SBI ने अपने MCLR (Marginal Cost of Funds based Lending Rate) को सभी टेन्योर पर 5 बेसिस पॉइंट्स घटाया है।
- साथ ही EBLR (External Benchmark Linked Rate) और RLLR (Repo Linked Lending Rate) में भी 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की गई है। इसका सीधा असर होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की EMI पर पड़ेगा।
- होम लोन EMI सस्ती होगी: जिन ग्राहकों ने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लिया है, उनकी मासिक किस्तें घटेंगी। यह खासकर मिडिल क्लास परिवारों के लिए राहत की खबर है, जो EMI के बोझ से जूझते हैं।
- FD निवेशकों की आय घटेगी: जिन लोगों ने SBI में मीडियम टर्म FD में निवेश किया है, उन्हें अब पहले से कम ब्याज मिलेगा। वरिष्ठ नागरिकों को भी इस कटौती का असर झेलना पड़ेगा।
यह कदम सीधे तौर पर RBI के हालिया 25 बेसिस पॉइंट्स रेपो रेट कटौती से जुड़ा है। RBI ने महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया था। SBI ने उसी का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाया है।
जहां एक ओर EMI घटने से लाखों परिवारों को राहत मिलेगी खासकर वे जो घर खरीदने का सपना देख रहे हैं वहीं दूसरी ओर FD पर निर्भर बुजुर्ग और छोटे निवेशक थोड़े निराश होंगे। यह फैसला दिखाता है कि बैंकिंग नीतियां हमेशा दोधारी तलवार होती हैं: एक तरफ कर्जदारों को राहत, दूसरी तरफ बचतकर्ताओं की आय में कमी।