म्यूचुअल फंड्स हाउसेज रिटायरमेंट और चिल्ड्रेन फंड्स ऑफर करते रहेंगे। सेबी ने 20 मार्च को इसकी इजाजत दे दी है। लेकिन, सेबी ने लाइफ साइकिल फंड्स के मामले में कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। इससे पहले 26 फरवरी को इश्यू सर्कुलर के जरिए रेगुलेटर ने सॉल्यूशन ओरिएंटेड फंड्स बंद करने का फैसला लिया था। इसके बाद कुछ चिंता जताई गई थी।
सॉल्यूशन ओरिएंटेड फंड जारी रखने के लिए ये होंगी शर्तें
सेबी ने अब स्पष्ट किया है कि अगर एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) चिल्ड्रेंस फंड जारी रखने का फैसला लेती है तो वह 20 साल की अवधि वाला लाइफ साइकिल फंड लॉन्च नहीं कर सकेगी। इसी तरह अगर कोई एएमसी रिटायरमेंट फंड को जारी रखना चाहती है तो वह 30 साल की अवधि वाला लाइफ साइकिल फंड लॉन्च नहीं कर सकेगी। अगर कोई एएमसी रिटायरमेंट और चिल्ड्रेन फंड दोनों जारी रखना चाहती है तो वह 20 साल और 30 साल वाले लाइफ साइकिल फंड्स लॉन्च नहीं कर सकेगी। इसका मतलब है कि वह सिर्फ 5, 10,15 और 25 साल वाले लाइफ साइकिल फंड्स लॉन्च कर सकेगी।
सभी छह लाइफ साइकिल फंड लॉन्च करने के लिए होगी यह शर्त
कोई एएमसी अगर रिटायरमेंट और चिल्ड्रेंस फंड जारी नहीं रखना चाहती है तो वह सभी छह तरह के लाइफ साइकिल फंड्स लॉन्च कर सकेगी। ऐसे मामलों में रिटायरमेंट और चिल्ड्रेंस फंड में नए सब्सक्रिप्शन पर रोक रहेगी और इन स्कीम को बोर्ड के एप्रूवल के बाद दूसरे फंड्स में मर्ज करना होगा। सेबी ने हाल में छह तरह के लाइफ साइकिल फंड लॉन्च करने की इजाजत म्यूचुअल फंड्स हाउसेज को दी है।
सॉल्यूशन ओरिएंटेड फंड होने पर इंडस्ट्री ने जताई थी चिंता
AMFI के सीईओ वेंकट चालसानी ने इस महीने मीडिया से बातचीत में कहा था कि एंफी रिटायरमेंट और चिल्ड्रेंस फंड बंद करने के रेगुलेटर के फैसले के बारे में सेबी को एक रिप्रजेंटेशन देगा। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने भी मनीकंट्रोल से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा था कि वह इंडस्ट्री की चिंता पर विचार कर रहे हैं। एंफी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था है।
लाइफ साइकिल फंड में समय के साथ ऐलोकेशन बदलेगा
सेबी ने कहा है कि लाइफ साइकिल फंड्स ओपन-एंडेड स्कीम होंगी। इनकी मैच्योरिटी 5, 10, 15, 20, 25 और 30 साल में होगी। ये फंड्स इक्विटी, डेट, गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ, InvITs और ETCDs में निवेश कर सकेंगे। 30 साल के फंड के लिए मैच्योरिटी से 15-30 साल के बीच इक्विटी में 65-95 फीसदी के बीच निवेश करने की इजाजत होगी। मैच्योरिटी से 10-15 साल पहले यह घटकर 65-80 फीसदी रह जाएगा। 5-10 साल पहले यह 50-65 फीसदी पर आ जाएगा। 3-5 साल पहले यह 35-50 फीसदी पर आ जाएगा। अंतिम साल में यह घटकर 5-20 फीसदी पर आ जाएगा।