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SEBI ने निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी पर 2 लाख और ट्रस्टी पर 1 लाख लगाई पेनाल्टी, जानिए क्या है यह पूरा मामला

निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी पर अपनी कुछ स्कीम के खर्च का पेमेंट अपनी बुक्स से करने का आरोप है। सेबी के नियमों के मुताबिक, स्कीम से जुड़े खर्च का पेमेंट स्कीम से किया जाता है। सेबी ने इस बारे में 2018 में एक सर्कुलर जारी किया था। यह सर्कुलर म्यूचुअल फंड्स की सभी स्कीमों पर लागू है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 10, 2024 पर 1:47 PM
SEBI ने निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी पर 2 लाख और ट्रस्टी पर 1 लाख लगाई पेनाल्टी, जानिए क्या है यह पूरा मामला
सेबी ने 8 अगस्त के अपने आदेश में कहा है कि निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने अपनी कुछ स्कीमों पर ज्यादा खर्च किए।

सेबी ने निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट पर 2 लाख रुपये और निप्पॉन लाइफ इंडिया ट्रस्टी लिमिटेड पर 1 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई है। दोनों पर कई स्कीमों के टोटल एक्सपेंस रेशियो (टीईआर) का पेमेंट एसेट मैनेजमेंट कंपनी के बुक्स से करने का आरोप है। सेबी इसकी इजाजत नहीं देता है। सेबी के नियम छोटी और बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों पर समान तरह से लागू होते हैं। सेबी ने 8 अगस्त के अपने आदेश में कहा है कि निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने अपनी कुछ स्कीमों पर ज्यादा खर्च किए। निप्पॉन लाइफ इंडिया ट्रस्टी यह सुनिश्चित करने में नाकाम रहा कि एएमसी की तरफ से नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाए।

निप्पॉन लाइफ ने सेबी के सर्कुलर का उल्लंघन किया था

SEBI ने 22 अक्टूबर, 2028 को एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि स्कीम से जुड़े सभी खर्च का पेमेंट स्कीम से होना चाहिए। यह तय सीमा से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इसका पेमेंट एसेट मैनेजमेंट कंपनी की बुक्स, उसके एसोसिएट, स्पॉन्सर, ट्रस्टी या किसी दूसरी एनटिटी की तरफ से नहीं किया जाना चाहिए। सेबी ने इस मामले की जांच की। इसमें यह पाया गया कि निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट कंपनी के पांच ईटीएफ में स्कीम से 1 फीसदी से कम खर्च का पेमेंट किया गया था। स्कीम के कुछ खास खर्चों का पेमेंट एएमसी की बुक्स से किया गया था।

स्कीम के खर्च का पेमेंट सिर्फ स्कीम से किया जा सकता है

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