यह फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) खत्म होने जा रहा है। 31 मार्च इसका आखिरी दिन है। आपको एक बार यह चेक कर लेना चाहिए कि आपने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए पर्याप्त टैक्स सेविंग्स की है या नहीं। कई लोगों ने इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) के सेक्शन 80सी की लिमिट का फायदा उठाने के लिए पर्याप्त इनवेस्टमेंट कर दिया है। लेकिन, अब भी उनका बहुत पैसा टैक्स में जा रहा है। ऐसे लोग इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80D (Income Tax Act section 80D) का पूरा लाभ उठाने के बारे में सोच सकते हैं। इसके लिए आपको हेल्थ पॉलिसी खरीदनी होगी। आपने अगर खुद, पत्नी और बच्चों के लिए फ्लोटर पॉलिसी नहीं ली है तो ले सकते हैं। इसके अलावा अपने माता-पिता के लिए भी हेल्थ पॉलिसी खरीद सकते हैं। प्रीमियम अमाउंट पर आपको डिडक्शन क्लेम करना होगा। इससे आपकी टैक्स लायबिलिटी घट जाएगी।
कितना बचा सकते हैं टैक्स?
हेल्थ पॉलिसी का प्रीमियम आपको 31 मार्च तक चुकाना होगा। इसमें कुछ खास बातें हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है। अगर आपकी उम्र 60 साल से कम है तो आपको प्रीमियम पर मैक्सिम 25,000 रुपये का डिडक्शन करने की इजाजत है। अगर आप अपने माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हैं और उनकी उम्र 60 साल से कम है तो उनकी पॉलिसी के प्रीमियम पर आप 25,000 रुपये डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। इस तरह आपकी उम्र और माता-पिता की उम्र 60 साल से कम होने पर आपको कुल 50,000 रुपये डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत है।
क्या माता-पिता की उम्र ज्यादा होने पर डिडक्शन लिमिट बढ़ जाएगी?
अगर आपके माता-पिता की उम्र 60 साल से ऊपर है तो आपको ज्यादा डिडक्शन अमाउंट क्लेम करने की इजाजत है। ऐसी स्थिति में आप माता-पिता की हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर 50,000 रुपये डिडक्शन तक का दावा कर सकते हैं। अगर आपकी भी उम्र 60 साल से ऊपर है तो आपको भी खुद और अपने परिवार के लिए मेडिकल पॉलिसी के प्रीमियम पर सालाना 50,000 रुपये डिडक्शन की इजाजत है। इस तरह सेक्शन 80D के तहत कम से कम 25,000 रुपये से लेकर मैक्सिमम 1 लाख रुपये डिडक्शन का दावा किया जा सकता है। 25,000 रुपये तब जब आपकी उम्र 60 साल से कम है और आपके माता-पिता नहीं हैं।
ए्ंप्लॉयर से हेल्थ पॉलिसी मिली है तो भी खरीदें अपनी पॉलिसी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि नौकरी करने वाले ज्यादातर लोगों को अपने एंप्लॉयर (कंपनी) की तरफ से हेल्थ पॉलिसी मिली होती है। इसकी लिमिट 5 से 10 लाख रुपये के बीच होती है। लेकिन, जिस तरह से इलाज पर होने वाला खर्च बढ़ रहा है, ज्यादा कवर वाली हेल्थ पॉलिसी होना जरूरी है। व्यक्ति के पास कंपनी के अलावा एक अपनी हेल्थ पॉलिसी होना भी जरूरी है। इसकी जरूरत इसलिए भी है कि कंपनी छोड़ते ही उस हेल्थ पॉलिसी की कवरेज खत्म हो जाती है। ऐसी स्थिति में इलाज की जरूरत पड़ने पर आपके लिए कोई पॉलिसी नहीं रह जाती है। अगर आपने खुद की हेल्थ पॉलिसी ले रखी है तो ऐसी स्थिति में अपनी पॉलिसी काम आती है।
सिर्फ इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में मिलता है डिडक्शन
एक बात और ध्यान में रखना जरूरी है। हेल्थ पॉलिसी पर टैक्स डिडक्शन का फायदा इनकम टैक्स की सिर्फ पुरानी रीजीम में मिलता है। इसलिए अगर आप नई रीजीम का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसका फायदा नहीं मिलेगा। अगर आप अब तक पुरानी रीजीम का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन 1 फरवरी को नई टैक्स रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के बाद इसका इस्तेमाल करने के बारे में सोच रहे हैं तो भी इसका फायदा नहीं मिलेगा।