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Sensex, Nifty में ज्यादा गिरावट आई है, क्या मुझे अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड में इनवेस्ट करना चाहिए?

सिर्फ इंडियन कंपनियों के शेयरों में निवेश करने की जगह कुछ पैसा विदेशी कंपनियों के शेयरों में लगाना समझदारी है। कई बार इंडियन मार्केट का रिटर्न खराब रहता है, लेकिन अमेरिकी बाजारों का बेहतर रहता है। दोनों बाजारों में निवेश करने से ऐसी स्थिति में फायदा होता है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 10, 2026 पर 1:18 PM
Sensex, Nifty में ज्यादा गिरावट आई है, क्या मुझे अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड में इनवेस्ट करना चाहिए?
आरबीआई और सेबी के नियमों के मुताबिक, इंडियन म्यूचुअल फंड हाउस एक सीमा तक विदेश में निवेश कर सकते हैं।

कुछ साल पहले तक इनवेस्टर्स विदेशी फंडों में निवेश करने के बारे में शायद ही सोचते थे। लेकिन, अब उनकी सोच बदल रही है। खासकर तब जब इंडियन स्टॉक मार्केट्स का प्रदर्शन विदेशी बाजारों के मुकाबले कमजोर रहा है। इसमें ग्लोबल इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म का बड़ा हाथ है। अब विदेश में निवेश करना आसान हो गया है। सवाल है कि क्या आपको विदेश में निवेश करना चाहिए?

इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड में निवेश के फायदे

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ भारतीय कंपनियों में निवेश करने की जगह कुछ पैसा विदेशी कंपनियों के शेयरों में लगाना समझदारी है। इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड आपको दूसरे देशों की कंपनियों के शेयरों में पैसे लगाने का मौका देता है। इसमें अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां, ग्लोबल हेल्थकेयर कंपनियां शामिल हैं। इससे आपका इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो डायवर्सिफायड हो जाता है।

इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो का डायवर्सिफिकेशन

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