SGB ने बीते एक साल में Sensex से ज्यादा रिटर्न दिया है, आज सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश का आखिरी मौका

RBI ने इस फाइनेंशियल ईयर (2022-23) के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की आखिरी किस्त 6 मार्च को जारी की थी। इसमें 10 मार्च यानी शुक्रवार तक इनवेस्ट किया जा सकता है। यह कई मायने में सोने में निवेश का सबसे अच्छा ऑप्शन है

अपडेटेड Mar 10, 2023 पर 2:24 PM
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SGB पर किसी तरह का जीएसटी नहीं लगता है। इससे इसका रिटर्न अट्रैक्टिव हो जाता है। सबसे बड़ी बात है कि सरकर एसजीबी पर सालाना 2.5 फीसदी इंटरेस्ट देती है।

RBI ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की अंतिम किस्त 6 मार्च को लॉन्च की थी। आज यानी 10 मार्च इसमें निवेश की आखिरी तारीख है। SGB सोने में निवेश के लिए बेस्ट ऑप्शन है। यह कहना है कि Credence Wealth Advisors के फाउंडर कीर्तन ए शाह का। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने एसजीबी की कई खासियतों के बारे में बताया। अगर रिटर्न के लिहाज से देखा जाए तो भी पिछले एक साल में SGB का रिटर्न शेयर बाजार से ज्यादा रहा है।

SGB ने दिया Sensex से ज्यादा रिटर्न

पिछले साल 10 मार्च को सेंसेक्स 55,464 अंक पर था। आज यह 59,084 अंक पर है। इस तरह एक साल में यह 3620 अंक चढ़ा है। फीसदी में यह रिटर्न करीब 6.5 फीसदी है। अब हम SGB के रिटर्न को देखते हैं। पिछले साल 10 मार्च को सोने की कीमत 54585 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। आज इसकी कीमत करीब 57,310 रुपये है। इस तरह एक साल में यह 2725 रुपये चढ़ा है। फीसदी में यह रिटर्न करीब 5 फीसदी है। अगर SGB पर मिलने वाला सालाना 2.5 फीसदी इंटरेस्ट को इसमें जोड़ दिया जाए तो यह 7.5 फीसदी हो जाता है, जो सेंसेक्स के रिटर्न से ज्यादा है।


SGB में सोने का प्राइस

SGB की इस किस्त में सोने की कीमत प्रति ग्राम 5,611 रुपये तय की गई है। ऑनलाइन अप्लाई करने पर इनवेस्टर्स को प्रति ग्राम 10 रुपये डिस्काउंट मिलेगा। आइए जानते हैं कि फिजिकल गोल्ड में निवेश करने के मुकाबले एसजीबी में निवेश करना क्यों फायदेमंद है।

फिजिकल गोल्ड में निवेश में कई मुश्किल

शाह ने कहा कि फिजिकल गोल्ड या गोल्ड ज्वेलरी खरीदना आसान है। लेकिन, खरीदने में शुद्धता का मसला बहुत मायने रखता है। दूसरा, फिजिकल गोल्ड की सुरक्षा भी एक बड़ी समस्या है। टैक्स के नियम भी इसे निवेश के अट्रैक्टिव ऑप्शन बनाते हैं। जीएसटी का हाई रेट और मेकिंग चार्ज की वजह से यह बहुत महंगा हो जाता है। आखिर में इसकी कीमतों में समानता नहीं होती है। उधर, एसजीबी में शुद्धता कोई मसला नहीं है। इसे बेचने पर पैसा तुरंत आपके अकाउंट में आ जाता है। इसके चोरी होने का भी डर नहीं रहता।

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मार्केट रेट पर डिस्काउंट

उन्होंने कहा कि गोल्ड ईटीएफ भी अच्छा इनवेस्टमेंट ऑप्शन है। इसमें मिनिमम इनवेस्टमेंट अमाउंट बहुत कम है। प्योरिटी भी मसला नहीं है। किसी तरह का स्टोरेज चार्ज नहीं देना पड़ता है। कोई जीएसटी नहीं लगता है। इसका रेगुलेशन सेबी करता है। लेकिन, एसजीबी इससे भी अट्रैक्टिव इनवेस्टमेंट ऑप्शन है। इसकी कई वजहे हैं। पहला, RBI इसे मार्केट प्राइस के मुकाबले डिस्काउंट पर इश्यू करता है। अभी गोल्ड का मार्केट रेट 5,611 रुपये है, जबकि एसजीबी में गोल्ड की कीमत 5561 रुपये प्रति ग्राम है।

जीएसटी नहीं लगता है

उन्होंने कहा कि SGB पर किसी तरह का जीएसटी नहीं लगता है। इससे इसका रिटर्न अट्रैक्टिव हो जाता है। सबसे बड़ी बात है कि सरकर एसजीबी पर सालाना 2.5 फीसदी इंटरेस्ट देती है। एक बड़ी खासियत यह है कि एसजीबी पर किसी तरह का कैपिटल गेंस टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है। अगर आप इसे लॉन्च के दौरान या सेकेंडरी मार्केट से खरीदते हैं और मैच्योरिटी तक खरीदते हैं तो किसी तरह का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस नहीं लगता है। लेकिन, इस पर मिलने वाले सालाना 2.5 फीसदी इंटरेस्ट पर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है।

सरकार की मिलती है गारंटी

शाह ने कहा कि SGB पर सरकार की तरफ से मिलने वाली गारंटी इसे काफी अट्रैक्टिव बनाती है। यह गारंटी फिजिकल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ में नहीं मिलती है। लेकिन, SGB के साल लिक्विडिटी एक मसला है। इसका मतलब है कि अचानक पैसे की जरूरत पड़ने पर आपके लिए इसे सिर्फ सेकेंडरी मार्केट में बेचने का विकल्प होता है। इसमें खरीद की लिमिट भी तय है। इसमें 1 ग्राम से लेकर 4 किलोग्राम तक निवेश किया जा सकता है।

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