शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स के नए नियम 1 अक्टूबर से लागू हो गए हैं। नए नियमों का ऐलान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट में किया था। नए नियम में टैक्स का बोझ कंपनी की जगह अब शेयरहोल्डर्स पर आ गया है। अब शेयर बायबैक से होने वाले गेंस को डिविडेंड माना गया है। इसका मतलब है कि अब इस पर शेयरहोल्डर के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा। पहले इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 115क्यूए के तहत कंपनी को टैक्स चुकाना पड़ता था। उसे करीब 23.29 फीसदी टैक्स देना पड़ता था।
