क्या आपका कोई लोन चल रहा है? अगर हां तो आपके मन में भी यह सवाल हो सकता है कि क्या नया निवेश करने से पहले आपको लोन चुका देना चाहिए? खासकर ऐसे सवाल युवाओं के मन में ज्यादा चलते हैं। इस सवाल का जवाब अगर आप अपने दोस्त या रिश्तेदारों से पूछते हैं तो ज्यादातर नया निवेश से पहले लोन चुकाने की सलाह देते हैं। यह जवाब सही है या गलत है, यह कहना मुश्किल है। लेकिन, यह तय है कि ज्यादातर लोग लोन को अच्छा नहीं मानते हैं और उसे चुका देना फायदेमंद समझते हैं। इसकी कई वजहें हो सकती हैं। कई लोग लोन को एक लायबिलिटी मानते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि लोन जल्द चुका देने से इन्हें उस पर इंटरेस्ट नहीं चुकाना पड़ेगा।
सेविंग्स में कुछ पैसा होना बहुत जरूरी है
जहां तक मेरा मानना है तो मेरी सोच लोगों की आम राय से अलग है। अगर किसी व्यक्ति ने हाल में अपना करियर शुरू किया है और उस पर एजुकेशन लोन (Education Loan) या फैमिली लोन (Family Loan) चुकाने की जिम्मेदारी है तो उसे हर महीने EMI चुकानी होगी। लेकिन, अगर व्यक्ति के पास ज्यादा पैसा नहीं है या कोई दूसरी सेविंग्स नहीं है तो मैं उसे ईएमआई पेमेंट के साथ सेविंग शुरू करने की सलाह दूंगा। उसे अपने लोन को तय समय से पहले चुका देने का ख्याल आ सकता है। लेकिन, व्यक्ति के पास कोई पैसा नहीं होना ठीक नहीं है।
सेविंग्स नहीं है तो लोन प्रीपेमेंट के बारे में नहीं सोचें
अगर आपके पास कोई सेविंग्स नहीं है तो हमेशा कुछ पैसा बचाने पर फोकस करें। आपको तब भी सेविंग्स करते रहना है जब इस पर मिलने वाला रिटर्न लोन के इंटरेस्ट रेट से कम हो। यह सुनने में आपको अजीब लग सकता है, लेकिन यह जरूरी है। इसलिए अगर पास कोई सेविंग्स नहीं है तो आप तय समय से पहले लोन चुकाने के बारे में भूल जाइए और लंबी अवधि का निवेश शुरू कर दीजिए।
पहले इमर्जेंसी फंड बनाने पर फोकस करें
सबसे पहले आपको इमर्जेंसी के लिए सेविंग करना जरूरी है। एक इमर्जेंसी फंड बनाएं। पहले आपको इसमें अपने तीन महीने के खर्च के लिए पैसा रखना है। बाद में आप इसे बढ़ाकर छह महीने का कर सकते हैं। दूसरा स्टेज तब आता है जब व्यक्ति के पास कुछ सेविंग्स (जैसे इमर्जेंसी फंड) हो जाती है। फिर उसके मन में यह सवाल आ सकता है कि उसे निवेश जारी रखना चाहिए यह लोन को तय समय से पहले चुका देना चाहिए। यह पहले के मुकाबले अच्छी स्थिति है जब व्यक्ति के पास कोई सेविंग नहीं थी।
दूसरे स्टेज में व्यक्ति यह देख सकता है कि उसके लोन का इंटरेस्ट रेट कितना है। आम तौर पर पर्सनल लोन पर सालाना 15 फीसदी इंटरेस्ट रेट होता है। क्रेडिट कार्ड लोन पर इंटरेस्ट 35-40 फीसदी तक होता है। अगर आपके पास दोनों में से कोई एक लोन है तो आप अपने लोन को समय से पहले चुकाने के बारे में सोच सकते हैं। इसकी वजह यह है कि इंटरेस्ट रेट काफी ज्यादा है। आपको लंबी अवधि का निवेश शुरू करने से पहले अपने लोन के बोझ को पहले खत्म कर देना सही रहेगा।
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होम लोन दूसरे लोन से अलग है। इसका इंटरेस्ट कम होता है। इस पर टैक्स बेनेफिट्स मिलता है। आपके घर की कीमत समय से साथ बढ़ती रहती है। यहां आपको टैक्स के फायदे के बाद होम लोन के इंटरेस्ट और संभावित निवेश पर टैक्स के बाद मिलने वाले रिटर्न की तुलना करनी होगी। अगर आप युवा हैं और लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं तो आप शेयरों में निवेश करने के बारे में सोच रहे होंगे। शेयरों में निवेश से 10-12 फीसदी रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। यह टैक्स बेनेफिट के बाद होम लोन के इफेक्टिव इंटरेस्ट रेट से काफी ज्यादा है। हां यह सही है कि आपको शेयरों से उतना रिटर्न नहीं मिले, जितना आपने उम्मीद की थी। इसके बावजूद शेयरों से आपका औसत रिटर्न अच्छा रहने की उम्मीद है। कम से कम यह होम लोन के इफेक्टिव रेट से ज्यादा रहेगा।