Silver Crash Warning: चांदी में बना 'खतरनाक बबल', 60% तक हो सकती है क्रैश; एक्सपर्ट ने किया आगाह
Silver Crash Warning: चांदी की रिकॉर्ड तेजी अब खतरे की घंटी बनती दिख रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि सिल्वर पूरी तरह बबल जोन में है। टॉप के बाद 50-60 फीसदी तक की लंबी गिरावट निवेशकों को बड़ा झटका दे सकती है। जानिए डिटेल।
गोयल की सबसे गंभीर चेतावनी टॉप बनने के बाद की गिरावट को लेकर है।
Silver Crash Warning: सोमवार को चांदी के भाव में जोरदार गिरावट देखने को मिली। MCX पर चांदी की कीमत करीब 31,000 रुपये प्रति किलोग्राम टूट गई। इसी सत्र में चांदी 2,54,174 रुपये प्रति किलो का नया रिकॉर्ड हाई बना चुकी थी। लेकिन वहां टिक नहीं पाई और बाद में फिसलकर 2,22,504 रुपये प्रति किलो तक आ गई। एक्सपर्ट का मानना है कि चांदी 60% तक क्रैश हो सकती है।
Pace 360 के को-फाउंडर और चीफ ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट अमित गोयल (Amit Goel) ने चांदी की कीमतों को लेकर बड़ी और सख्त चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सिल्वर में जो तेजी दिख रही है, वह एक क्लासिक बबल है और इसका हकीकत से अब कोई सीधा रिश्ता नहीं रह गया है।
गोयल के मुताबिक, चांदी की कीमतें अब न तो डॉलर इंडेक्स से जुड़ी दिखती हैं और न ही शेयर बाजार की चाल से। यह वही संकेत हैं, जो पहले बड़े मार्केट बबल्स के दौरान नजर आए थे।
2008 के क्रूड और डॉटकॉम बबल जैसी स्थिति
अमित गोयल का कहना है, 'यही बबल की पहचान होती है। यह एक क्लासिक कमोडिटी बबल है और ऐसा नजारा बहुत कम देखने को मिलता है।'
उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना 2008 में कच्चे तेल के $145 प्रति बैरल के टॉप और 1999-2000 के डॉटकॉम बबल से की। गोयल ने यह भी चेताया कि हालिया हाई से करीब 12 फीसदी की गिरावट आने के बावजूद यह मान लेना गलत होगा कि सिल्वर का टॉप बन चुका है।
ETF निवेश नहीं, सट्टेबाजी चला रही है कीमतें
गोयल ने यह धारणा भी साफ तौर पर खारिज की कि सिल्वर में तेजी ETF निवेश की वजह से आई है। उनके मुताबिक, पिछले तीन दिनों में सिल्वर ETFs से आउटफ्लो देखने को मिला है।
उनका कहना है कि मौजूदा तेजी की असली वजह चीन की 1 जनवरी से लागू होने वाली सिल्वर एक्सपोर्ट पाबंदियों को लेकर बनी सट्टेबाजी है। जबकि यह जानकारी बाजार को कई हफ्तों से पहले से पता थी। गोयल के मुताबिक, 'जरा-सी अच्छी खबर को 10 गुना बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया।' उन्होंने इस माहौल की तुलना डॉटकॉम दौर से की।
$100 तक जा सकती है चांदी, लेकिन टॉप करीब
अमित गोयल ने किसी एक तय टॉप लेवल की भविष्यवाणी नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि हालिया हाई टूट सकता है। उनका मानना है कि सिल्वर $90 या $92 तक जा सकती है, यहां तक कि $100 का स्तर भी देखने को मिल सकता है।
हालांकि, गोयल ने साफ कहा कि फरवरी तक टॉप बनने की पूरी संभावना है। टेक्निकल तौर पर उन्होंने $70-71 को मजबूत सपोर्ट बताया। गोयल ने कहा कि कुछ हफ्तों तक सिल्वर $70 से $84 के दायरे में घूम सकती है, उसके बाद अगली बड़ी चाल आएगी।
60% क्रैश हो सकता है चांदी का भाव
गोयल की सबसे गंभीर चेतावनी टॉप बनने के बाद की गिरावट को लेकर है। उन्होंने कहा, 'मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि यह एक क्लासिक बबल है। जो भी टॉप बनेगा, वहां से कीमतें कम से कम 50 से 60 फीसदी तक गिरेंगी।' अगर 2.54 लाख रुपये को चांदी का टॉप माना जाए, तो यहां से 60% गिरावट का मतलब होगा कि कीमत का करीब 1.52 लाख रुपये आ सकती है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि यह गिरावट एक झटके में नहीं आएगी। यह प्रक्रिया 1 से 1.5 साल में धीरे-धीरे पूरी होगी। उनके मुताबिक, अगले 1-2 महीनों में जो टॉप बनेगा, वह लंबे समय तक नहीं टूटेगा।
एक्सट्रीम संकेत दे रहे हैं बड़े खतरे का अलर्ट
अपने एनालिसिस के सपोर्ट में अमित गोयल ने कुछ बेहद अहम संकेतों की ओर ध्यान दिलाया।
Gold-Silver Ratio कुछ ही महीनों में 108 से गिरकर 54 पर आ गया।
Bloomberg Greed Indicators 1980 के स्तर से भी ऊपर पहुंच गए हैं।
1980 के बाद जब-जब ऐसे संकेत बने, तब बड़ा क्रैश देखने को मिला।
उनका कहना है कि ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि बाजार इस वक्त चांदी के लिए जरूरत से ज्यादा लालच की स्थिति में है।
निवेशकों के लिए सीधा संदेश
जो निवेशक हालिया तेजी देखकर चांदी में भारी निवेश कर चुके हैं, उनके लिए यह चेतावनी बेहद अहम है। अमित गोयल का कहना है कि जब बाजार बबल की स्थिति में होता है, तब मुनाफा जितना आकर्षक दिखता है, गिरावट उतनी ही गहरी और दर्दनाक होती है। ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए।
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