Silver Price Crash: एमसीएक्स पर करीब 15% फिसला सिल्वर, क्यों आई इतनी ज्यादा गिरावट?

Silver Price Crash: 30 जनवरी को सिल्वर फ्यूचर्स 3,83,646 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। उसके बाद उतार-चढ़ाव के बीच इसमें गिरावट जारी रही। 29 जनवरी को सिल्वर का मार्च फ्यूचर्स 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था

अपडेटेड Jan 30, 2026 पर 5:25 PM
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30 जनवरी को कॉमेक्स पर स्पॉट सिल्वर गिरकर 98 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

सिल्वर में 30 जनवरी को बड़ी गिरावट आई। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स करीब 15 फीसदी क्रैश कर गया। करीब 3:37 बजे यह 3,42,390 रुपये प्रति किलोग्राम था। हालांकि, बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी आई। शाम 5 बजे के करीब यह 10.75 फीसदी गिरकर 3,57,500 रुपये प्रति किलो चल रहा था। 29 जनवरी को इसका क्लोजिंग प्राइस 3,99,893 रुपये प्रति किलो ग्राम था।

29 जनवरी को सिल्वर 4.20 लाख तक पहुंच गया था

30 जनवरी को सिल्वर फ्यूचर्स 3,83,646 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। उसके बाद उतार-चढ़ाव के बीच इसमें गिरावट जारी रही। 29 जनवरी को सिल्वर का मार्च फ्यूचर्स 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। पिछले कुछ हफ्तों में चांदी में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली थी।


कॉमेक्स पर स्पॉट सिल्वर गिरकर 98 डॉलर प्रति औंस पर आया

30 जनवरी को कॉमेक्स पर स्पॉट सिल्वर गिरकर 98 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह 29 जनवरी के क्लोजिंग से 14.15 फीसदी की गिरावट है। इसकी वजह डॉलर में तेजी बताई जा रही है। इससे पहले वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल रिस्क बढ़ने से सोने और चांदी में तेजी जारी थी।

जनवरी में सिल्वर की कीमतों में आई थी बड़ी तेजी

वीटी मार्केट में सीनियर मार्केट एनालिस्ट जस्टिन खो के मुताबिक, सिल्वर में आई गिरावट की वजह टेक्निकल लगती है। उन्होंने कहा, "जनवरी में सिल्वर में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली थी। एमसीएक्स पर सिल्वर महीने दर महीने आधार पर 60 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 4.2 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। एग्रेसिव प्रॉफिट बुकिंग से प्राइस 3.9 से 4 लाख रुपये प्रति किलो तक आ गए।"

सिल्वर की कीमतें क्रैश करने की क्या है वजह?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पद पर ऐसे व्यक्ति का चुनाव करने के संकेत दिए हैं, जिसका रुख आक्रामक होगा। उन्होंने कहा है कि वह फेड के नए चेयरमैन के नाम का ऐलान 30 जनवरी को कर सकते हैं। जेरोम पॉवेल मई में अपना पद छोड़ देंगे। उनका कार्यकाल मई में पूरा हो रहा है। केसीएम के चीफ ट्रेड एनालिस्ट टिम वाटरर का कहना है कि ट्रंप की पसंद के व्यक्ति का फेड चेयरमैन बनने से डॉलर में मजबूती आएगी। डॉलर में मजबूती आने पर बुलियन की कीमतों पर दबाव बढ़ता है। इस वजह से 30 जनवरी को सोने और चांदी में दोनों में बड़ी गिरावट आई।

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कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि चांदी में पिछले कुछ हफ्तों से जैसी तेजी दिख रही थी, उसके बाद मुनाफावसूली की उम्मीद की जा रही थी। सोना और चांदी दोनों की कीमतें भारत और विदेश में लगातार तेजी के रिकॉर्ड बना रही थीं। लगातार तेजी के बाद बड़ी गिरावट स्वाभाविक है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि सोने और चांदी के फंडामेंटल्स अब भी स्ट्रॉन्ग दिख रहे हैं।

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