सोने के मुकाबले चांदी की कीमत की कहानी थोड़ी अलग है क्योंकि यह एक कीमती धातु और एक इंडस्ट्रियल कमोडिटी (औद्योगिक वस्तु), दोनों है। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर से जुड़े कामों और दूसरी इंडस्ट्रियल प्रक्रियाओं में होता है। साथ ही, निवेशक और ग्राहक चांदी को बार, सिक्के, गहने और दूसरे फिजिकल प्रोडक्ट के तौर पर खरीदते हैं। मांग के इस मिला-जुले स्वरूप के कारण, इंटरनेशनल स्तर पर चांदी की कीमतें, करेंसी में उतार-चढ़ाव, इंडस्ट्रियल एक्टिविटी और निवेशकों की सोच - ये सभी घरेलू रेट पर असर डाल सकते हैं।ट्रांसपोर्टेशन, टैक्स, डीलर मार्जिन और लोकल मार्केट की स्थितियों के कारण भी लोकल कीमत अलग-अलग हो सकती है।