Silver Rate: चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है तेजी, जानिये कारण

Silver Rate: चांदी की कीमतों में बुधवार 28 जनवरी को हल्की नरमी देखने को मिली, लेकिन भाव अब भी रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास बने हुए हैं। जानिये क्यों आ रही है सोने के दाम में तेजी..

अपडेटेड Jan 28, 2026 पर 11:02 AM
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Silver Rate: चांदी की कीमतों में बुधवार 28 जनवरी को हल्की नरमी देखने को मिली, लेकिन भाव अब भी रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास बने हुए हैं।

Silver Rate: चांदी की कीमतों में बुधवार 28 जनवरी को हल्की नरमी देखने को मिली, लेकिन भाव अब भी रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास बने हुए हैं। इस हफ्ते आई तेजी के बाद निवेशकों की दिलचस्पी कीमती मेटल में लगातार बनी हुई है। वैश्विक व्यापार और नीतिगत अनिश्चितताओं के बीच निवेशक चांदी को सुरक्षित विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 0.6 फीसदी बढ़कर 113.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे पहले सोमवार (26 जनवरी) को चांदी ने 117.69 डॉलर प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई छुआ था। इस साल अब तक चांदी करीब 60 फीसदी चढ़ चुकी है, जो ज्यादातर कमोडिटी से कहीं ज्यादा है।

चांदी की यह तेजी बेहद तेज रही है। कीमतें सिर्फ 15 दिनों में 80 डॉलर से 90 डॉलर पहुंचीं। इसके बाद 10 दिनों में 90 से 100 डॉलर का स्तर पार किया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 100 से 110 डॉलर की रेंज चांदी ने महज एक ही सेशन में पार कर ली। इससे बाजार में मजबूत खरीदारी का साफ संकेत मिलता है।


बाजार जानकारों के मुताबिक, इस तेजी के पीछे कई वजहें हैं। सुरक्षित निवेश की मांग, व्यापार से जुड़े तनाव और सोने में मजबूती का असर चांदी पर भी पड़ा है। चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट आमिर मकदा का कहना है कि बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम और टैरिफ से जुड़ी चिंताओं के चलते निवेशकों ने चांदी में जोरदार खरीदारी की।

उन्होंने बताया कि घरेलू बाजारों में चांदी अभी भी अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रही है, जो मजबूत ट्रेंड को दिखाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि तकनीकी संकेतक जैसे आरएसआई यह बता रहे हैं कि चांदी फिलहाल ओवरबॉट जोन में है। इसका मतलब है कि आगे कुछ समय के लिए कीमतों में ठहराव या हल्का करेक्शन आ सकता है।

तेजी और उतार-चढ़ाव को देखते हुए एक्सचेंजों ने भी कदम उठाए हैं। सीएमई ग्रुप ने कॉमेक्स सिल्वर फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ाने का फैसला किया है। यह कदम बढ़ती अस्थिरता को कंट्रोल करने के लिए उठाया गया है।

भारत में चांदी की ऊंची कीमतों का असर जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर पर भी पड़ रहा है। कामा ज्वेलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर कॉलिन शाह का कहना है कि भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से एक्सपोर्टर्स को कुछ राहत मिल सकती है। बढ़ती कीमतों के बीच यह समझौता उद्योग के लिए सहारा बन सकता है।

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