Silver 70 डॉलर से नीचे जाने पर Silver ETF 8% फिसला, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

भारत में कमोडिटी एक्सचेंज MCX में सिल्वर फ्यूचर्स (मार्च एक्सपायरी) शुरुआती कारोबार में करीब 6 फीसदी तक गिरकर 2.29 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया था। हालांकि, बाद में इसमें रिकवरी दिखी। 11:50 बजे यह 1.81 फीसदी यानी 4,418 रुपये गिरकर 2,39,397 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा था

अपडेटेड Feb 06, 2026 पर 12:16 PM
Story continues below Advertisement
कॉमेक्स पर सिल्वर स्पॉट गिरकर 70 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया।

सिल्वर ईटीएफ और गोल्ड ईटीएफ के निवेशकों को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है। 6 फरवरी को सिल्वर ईटीएफ क्रैश कर गए। इसकी वजह सिल्वर स्पॉट प्राइसेज में बड़ी गिरावट है। कॉमेक्स पर सिल्वर स्पॉट गिरकर 70 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया। गोल्ड ईटीएफ में भी गिरावट देखने को मिली। हालांकि, यह गिरावट सिल्वर ईटीएफ के मुकाबले कम थी।

एमसीएक्स में 6 फीसदी गिरने के बाद संभला सिल्वर फ्यूचर्स

भारत में कमोडिटी एक्सचेंज MCX में सिल्वर फ्यूचर्स (मार्च एक्सपायरी) शुरुआती कारोबार में करीब 6 फीसदी तक गिरकर 2.29 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया था। हालांकि, बाद में इसमें रिकवरी दिखी। 11:50 बजे यह 1.81 फीसदी यानी 4,418 रुपये गिरकर 2,39,397 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा था। एक हफ्ते में सिल्वर ईटीएफ करीब 45 फीसदी फिसल चुका है। 29 जनवरी को यह 4.2 लाख रुपये प्रति किलो के लाइफ-टाइम हाई पर पहुंच गया था।


गोल्ड फ्यूचर्स गिरने के बाद हरे निशान में आया

गोल्ड फ्यूचर्स में भी 6 फरवरी को शुरुआती कारोबार में गिरावट दिखी थी। लेकिन, बाद में इसमें रिकवरी आ गई। 11:50 बजे एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स (अप्रैल एक्सपायरी) 0.54 फीसदी यानी 700 रुपये की तेजी के साथ 1,52,755 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था।

सिल्वर ईटीएफ में शुरुआती कारोबार में 8% तक गिरावट

6 फरवरी को मार्केट खुलने पर Edelweiss Silver ETF 8 फीसदी से ज्यादा गिरकर 232.66 रुपये पर चल रहा था। आदित्य बिड़ला सन लाइफ सिल्वर ईटीएफ भी 8 फीसदी तक फिसल गया था। एसबीआई सिल्वर ईटीएफ, एचडीएफसी सिल्वर ईटीएफ, जीरोधा सिल्वर ईटीएफ, यूटीआई सिल्वर ईटीएफ, टाटा सिल्वर ईटीएफ में भी ब़ड़ी गिरावट देखने को मिली।

इनवेस्टर्स को क्या करना चाहिए?

एक हफ्ते में सिल्वर फ्यूचर्स में 45 फीसदी की गिरावट ने निवेशकों को हिला दिया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड स्ट्रॉन्ग बनी हुई है। चांदी की सप्लाई डिमांड के मुकाबले कम है। इससे मध्यम से लेकर लंबी अवधि में चांदी की कीमतों में उतारचढ़ाव के बावजूद स्टैबिलिटी रहने की उम्मीद है। सिल्वर में गिरावट का असर लंबी अवधि के इसके आउटलुक पर नहीं पड़ा है।

वीटी मार्केट्स में ग्लोबल स्ट्रेटेज ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने से इनवेस्टर्स के रिस्क लेने की क्षमता बढ़ेगी। सिल्वर का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल सेक्टर्स में होता है। इसके अलावा इनवेस्टर्स सुरक्षित निवेश के लिए भी इसमें इनवेस्ट करते हैं। मैक्सवेल का कहना है कि टैरिफ घटने से सुरक्षित निवेश के लिए होने वाली खरीदारी में कमी आ सकती है। लेकिन गोल्ड और सिल्वर का स्ट्रक्चर मजबूत दिख रहा है। यह तब तक स्ट्रॉन्ग बना रहेगा, जब तक इकोनॉमी और पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।

यह भी पढ़ें: Sensex-Nifty Fall: सेंसेक्स, निफ्टी में बड़ी गिरावट से निवेशकों में घबराहट, इन 5 वजहों से गिरे शेयर बाजार

निवेशकों को घबराहट में बिकवाली करने से बचना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों के लिए सबसे जरूरी एसेट ऐलोकेशन का ध्यान रखना है। इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में गोल्ड और सिल्वर की हिस्सेदारी 10-15 फीसदी तक हो सकती है। इससे पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन में मदद मिलती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।