सिंगल वुमन को खरीदना चाहिए घर या किराये पर रहना है सही? कामकाजी महिलाओं को एक्सपर्ट देते हैं ये सलाह

घर किराए पर लेना या खरीदना आज के युवा वर्ग के लिए सबसे जरूरी सवालों में से एक है। ज्यादातर सभी ये सोचते हैं कि क्या घर का मालिक होना एक जरूरत है? या किराए के घर में रहना ज्यादा सही है? आमतौर पर भारतीय समाज में घर खरीदना कई लोगों के लिए एक सपना और जरूरत दोनो हैं

अपडेटेड Apr 22, 2024 पर 2:21 PM
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सिंगल वुमन जिन्हें दूसरे शहरों में नौकरी के लिए जाना पड़ता है और वह तब अक्सर किराये पर या पीजी वगैरह में घर लेकर रहती है।

घर किराए पर लेना या खरीदना आज के युवा वर्ग के लिए सबसे जरूरी सवालों में से एक है। ज्यादातर सभी ये सोचते हैं कि क्या घर का मालिक होना एक जरूरत है? या किराए के घर में रहना ज्यादा सही है? आमतौर पर भारतीय समाज में घर खरीदना कई लोगों के लिए एक सपना और जरूरत दोनो हैं। मौजूदा समय में महंगाई और लाइफस्टाइल में बदलाव के कारण एक बार फिर यह अहम सवाल खड़ा हो गया है, खासकर सिंगल वुमन के लिए..। सिंगल वुमन जिन्हें दूसरे शहरों में नौकरी के लिए जाना पड़ता है और वह तब अक्सर किराये पर या पीजी वगैरह में घर लेकर रहती है। ये सवाल उनके लिए ज्यादा मायने रखना है कि घर खरीदना या किराये पर लेना.. क्या सही है?

महिलाओं के लिए क्या है सही?

टैक्स और निवेश के एक्सर्ट बलवंत जैन ने बताया कि घर खरीदना एक बहुत बड़ा निवेश है। उनके मुताबिक बैंक होम लोन की रकम का सिर्फ 80 फीसदी हिस्सा देते हैं और बाकी 20 फीसदी का पेमेंट किसी के अकाउंट यानी अपनी तरफ से करना पड़ता है। घर खरीदने से पहले आपको किराये पर रहते हुए ये पैसे बचाने होंगे। एक विवाहित महिला या जो लोग जीवन भर अपने परिवार के साथ रहना चाहते हैं, उनके लिए किराए पर रहना काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ये परेशानी तब ज्यादा बढ़ जाती है जब पूरा परिवार यानी जिसमें पति, बच्चे, माता-पिता और भाई-बहन भी शामिल होते हैं क्योंकि तब आपको जगह ज्यादा चाहिए होती है। सब साथ में होने पर खर्चा ज्यादा होता है। अगर महिला अकेली है तो उसे घर खरीदने की प्लानिंग पहले शुरू कर देनी चाहिए।


घर से जुड़े होते हैं इमोशन

बलवंत जैन ने कहा कि घर खरीदने या किराए पर लेने के बारे में बहस करने के बजाय जरूरी है कि पहले दूसरे जरूरी सवालों पर ध्यान दिया जाए। जरूरी सवाल है कि घर कब खरीदना है और किराए के घर में रहना कब सबसे अच्छा है। एक्सपर्ट के मुताबिक एक बार जब एक महिला यह तय कर लेती है कि वह किस शहर में रहना चाहती है, तो अगला कदम घर खरीदने की योजना बनाना होना चाहिए। उनका मानना है कि घर खरीदने से संतुष्टि, खुशी और सम्मान का अहसास होता है।

घर खरीदना है सही

एक्सपर्ट ने कहा कि सिंगल वुमन को अपनी सुरक्षा के लिए घर खरीदना चाहिए। किराया निकालना कई बार मुश्किल हो जाता है। जिनता आप किराया भर रहे होंगे, वह आप अपना होम लोन की EMI चुकाने में लगा सकते हैं। अक्सर लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को किराए पर घर मिलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लंबे समय तक किराए पर रहते हुए घर बदलने की परेशानी से निपटना संभव नहीं है, खासकर जब जॉब मार्केट के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। घर खरीदने से आप किराये के खर्च से भी बच जाएंगे।

महिलाओं को घर खरीदने पर मिलती है कई छूट

यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि भारत के कई राज्यों में महिलाओं को स्टाम्प ड्यूटी पर रियायतें दी जाती हैं। कई होम लोन महिलाओं को आकर्षक ब्याज दरें भी दे रहे हैं। इसके अलावा पहली बार घर खरीद रही पात्र महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभी उठा सकती हैं।

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