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Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस में छोटी गलतियां बनती हैं बड़ी मुसीबत, क्लेम के समय हो सकता है सबसे ज्यादा नुकसान

Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस में छोटी गलतियां जैसे अधूरी जानकारी या कम कवरेज, क्लेम रिजेक्शन का कारण बन सकती हैं। पॉलिसी की शर्तें समझकर और सही खुलासे करके ही मुश्किल समय में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Jan 10, 2026 पर 5:57 PM
Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस में छोटी गलतियां बनती हैं बड़ी मुसीबत, क्लेम के समय हो सकता है सबसे ज्यादा नुकसान

हेल्थ इंश्योरेंस आज हर परिवार की ज़रूरत बन चुका है। लेकिन अक्सर लोग पॉलिसी खरीदते समय कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जिनका असर तब सामने आता है जब उन्हें क्लेम की सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधूरी जानकारी, गलत खुलासे और पॉलिसी की शर्तों को न समझना क्लेम रिजेक्शन की सबसे बड़ी वजहें हैं।

आम गलतियां जो क्लेम पर भारी पड़ती हैं

- अंडरइंश्योरेंस (कम कवरेज लेना): कई लोग प्रीमियम बचाने के लिए कम कवरेज वाली पॉलिसी चुनते हैं। लेकिन अस्पताल का बिल बड़ा होने पर क्लेम से मिलने वाली राशि पर्याप्त नहीं होती।

- एक्सक्लूजन को नजरअंदाज़ करना: पॉलिसी में कई बीमारियां या इलाज शुरू के कुछ सालों तक कवर नहीं होते। इन्हें न पढ़ने से क्लेम के समय बड़ा झटका लगता है।

- अधूरी मेडिकल जानकारी: अगर आपने पहले की बीमारियों या मेडिकल हिस्ट्री को छुपाया है, तो इंश्योरेंस कंपनी क्लेम रिजेक्ट कर सकती है।

- सिर्फ नियोक्ता की पॉलिसी पर निर्भर रहना: नौकरी बदलने या खोने पर कंपनी की हेल्थ कवरेज खत्म हो जाती है। ऐसे में व्यक्तिगत पॉलिसी न होना जोखिम भरा है।

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