सरकार ने छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। ये दरें 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली तिमाही के लिए लगातार आठवीं बार पहले जैसी ही रखी गई हैं। यानी निवेशकों को मिलने वाले ब्याज में इस बार भी कटौती नहीं होगी। मौजूदा आर्थिक हालात को देखकर अटकलें लग रही थीं कि सरकार कुछ योजनाओं पर ब्याज घटाने पर विचार कर सकती है।
वित्त मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन
वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि FY 2026-27 की पहली तिमाही (1 अप्रैल से 30 जून 2026) के लिए सभी योजनाओं की ब्याज दरें वही रहेंगी, जो पिछली तिमाही (1 जनवरी से 31 मार्च 2026) में थीं।
इसका मतलब है कि सरकार ने फिलहाल ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव जरूरी नहीं समझा।
सुकन्या समृद्धि योजना पर निवेशकों को 8.2% ब्याज मिलता रहेगा, जो इन योजनाओं में सबसे ज्यादा है।
लगातार आठवीं तिमाही तक स्थिर दरें
इस फैसले के साथ छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें लगातार आठवीं तिमाही तक बिना किसी बदलाव के बनी हुई हैं। सरकार ने आखिरी बार FY 2023-24 की चौथी तिमाही में कुछ योजनाओं की दरों में बदलाव किया था।
यानी फिलहाल सरकार स्थिर ब्याज दरों की नीति पर ही चल रही है, जिससे निवेशकों को रिटर्न में स्थिरता बनी रहती है।