छोटे-मोटे UPI पेमेंट बना सकते है आपको 'अमीर'! जानें कैसे क्रेडिट कार्ड और यूपीआई कैसे सुधारेगा आपका CIBIL स्कोर

रुपे क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़कर छोटे भुगतान (जैसे चाय या राशन) करने और उनका समय पर बिल भरने से आपका CIBIL स्कोर काफी मजबूत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आदत आपकी वित्तीय अनुशासन को दर्शाती है, लेकिन क्रेडिट लिमिट का 30% से अधिक उपयोग करने या भुगतान में देरी करने पर स्कोर गिर भी सकता है।

अपडेटेड Mar 20, 2026 पर 3:44 PM
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आज के डिजिटल युग में जेब में नकद रखने का चलन लगभग खत्म होता जा रहा है। सुबह की चाय से लेकर शाम की सब्जी तक, हम हर छोटे-बड़े खर्च के लिए UPI (Unified Payments Interface) का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके द्वारा किए गए ये ₹10, ₹20 या ₹50 के छोटे-छोटे भुगतान आपके भविष्य के लिए बड़े काम के हो सकते हैं?

हाल ही में आए वित्तीय रुझानों और विशेषज्ञों की राय के अनुसार, यदि आप अपने RuPay क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़कर इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपके CIBIL स्कोर को चमकाने का एक बेहतरीन जरिया बन सकता है।

छोटे ट्रांजैक्शन, बड़ा फायदा

अक्सर माना जाता है कि क्रेडिट स्कोर सुधारने के लिए बड़े लोन या भारी भरकम खर्च की जरूरत होती है, लेकिन असलियत इससे जुदा है। UPI के सीईओ भार्गव एरंगी के अनुसार, क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL या Experian) यह नहीं देखते कि आपने कितना पैसा खर्च किया, बल्कि वे यह देखते हैं कि आप अपने खर्चों को लेकर कितने अनुशासित हैं।


जब आप क्रेडिट कार्ड के जरिए नियमित रूप से छोटे-छोटे यूपीआई पेमेंट करते हैं और महीने के अंत में बिल का भुगतान समय पर करते हैं, तो यह आपकी एक 'सक्रिय और जिम्मेदार' उधारकर्ता की छवि बनाता है। इससे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत होती है।

क्रेडिट स्कोर सुधारने के सुनहरे नियम

विशेषज्ञों ने इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ मुख्य बिंदुओं पर ध्यान देने की सलाह दी है:

* समय पर भुगतान (Repayment Tracking): क्रेडिट स्कोर तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका आपके भुगतान के इतिहास की होती है। एक भी किस्त या बिल मिस करना आपके स्कोर को तेजी से नीचे गिरा सकता है।

* क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (CUR): अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का केवल 30% तक ही इस्तेमाल करना आदर्श माना जाता है। अगर आप सीमा से अधिक खर्च करते हैं, तो बैंक आपको 'क्रेडिट का भूखा' मान सकते हैं, जिससे स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है।

* अनुशासन ही कुंजी है: ZET के को-फाउंडर मनीष शरा बताते हैं कि छोटे पेमेंट्स को मैनेज करना आसान होता है और यह आपके क्रेडिट प्रोफाइल को एक निरंतरता (Consistency) प्रदान करता है।

सावधानी भी है जरूरी

जहां एक ओर यूपीआई और क्रेडिट कार्ड का मेल सुविधाजनक है, वहीं इसमें एक जोखिम भी छिपा है। चूंकि यूपीआई के जरिए पेमेंट करना बहुत आसान है (सिर्फ स्कैन और पे), ऐसे में कई बार लोग अपनी बजट सीमा से बाहर निकल जाते हैं।

विशेषज्ञों की सलाह:

1. क्रेडिट कार्ड को सिर्फ 'सुविधा' समझें, 'मुफ्त पैसा' नहीं।

2. बिल का न्यूनतम देय (Minimum Due) चुकाने के बजाय हमेशा पूरा भुगतान (Full Payment) करें।

3. अनावश्यक खर्चों से बचें, क्योंकि अंततः यह आपके ऊपर एक कर्ज ही है।

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