Stock in Focus: इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी IRB Infrastructure Trust ने मंगलवार, 6 जनवरी को बताया कि उसे ओडिशा में एक टोल रोड प्रोजेक्ट के लिए नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिला है। यह प्रोजेक्ट टोल ऑपरेट ट्रांसफर (TOT)-18 बंडल के तहत दिया गया है और इसके जरिए ट्रस्ट को 20 साल तक टोल वसूली का अधिकार मिलेगा।
इस डील के तहत IRB Infrastructure Trust, NHAI को ₹3,087 करोड़ की अपफ्रंट बिड कंसेशन फीस का भुगतान करेगा। इसके बदले ट्रस्ट को तय अवधि के लिए टोलिंग राइट्स मिलेंगे, जो इसके लॉन्ग-टर्म कैश फ्लो को मजबूत करने में मदद करेंगे।
NH-16 का 74.5 किमी सेक्शन शामिल
यह प्रोजेक्ट नेशनल हाईवे-16 के चांदीखोल-भद्रक सेक्शन से जुड़ा है। इसकी लंबाई करीब 74.5 किलोमीटर है। इसके तहत टोलिंग के साथ-साथ सड़क का ऑपरेशन, मेंटेनेंस और तय अवधि के बाद ट्रांसफर की जिम्मेदारी भी ट्रस्ट के पास होगी।
नवंबर में मिला था ₹9,270 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट
इससे पहले नवंबर 2025 में IRB Infrastructure Trust को NHAI के TOT-17 बंडल के तहत ₹9,270 करोड़ का बड़ा टोल रोड प्रोजेक्ट मिला था। यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश में NH-27 और NH-731 के कुल 366.096 किलोमीटर लंबे हिस्से को कवर करता है। इसमें लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर और लखनऊ-सुल्तानपुर सेक्शन शामिल हैं।
FY26 को लेकर आउटलुक पॉजिटिव
पिछले साल नवंबर में मुंबई स्थित इस हाईवे डेवलपर IRB Infrastructure ने FY26 के लिए डबल डिजिट टोल Revenue ग्रोथ का अनुमान दोहराया था। कंपनी का कहना है कि वह चालू वित्त वर्ष में अपने कंस्ट्रक्शन बिजनेस से करीब ₹4,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने के ट्रैक पर है।
IRB Infrastructure के शेयरों का हाल
IRB Infrastructure का शेयर मंगलवार को BSE पर 0.59% की गिरावट के साथ ₹41.88 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 14.45% टूटा है। वहीं, 1 साल में यह 26% से अधिक क्रैश हुआ है। हालांकि, पिछले 5 साल में कंपनी ने 266.40% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 25.26 हजार करोड़ रुपये है।
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