टाटा एसेट मैनेजमेंट ने अपने Tata Small Cap Fund में 6 अप्रैल 2026 से फिर से फ्रेश लंपसम और स्विच-इन इनवेस्टमेंट की सुविधा शुरू कर दी है। इससे पहले स्मॉल कैप सेगमेंट में लिक्विडिटी की दिक्कत और सही निवेश के मौके कम होने की वजह से इनफ्लो पर रोक लगाई गई थी।
पहले क्यों लगाई गई थी रोक
फंड हाउस ने पहले लंपसम निवेश इसलिए सीमित किया था क्योंकि बाजार में वैल्यूएशन काफी ऊंचे थे। ऐसे में पैसा सही जगह लगाना मुश्किल हो रहा था। यानी अच्छे स्टॉक्स महंगे हो गए थे और फंड के पास निवेश के सीमित विकल्प बचे थे।
हाल में स्मॉल कैप स्टॉक्स में आई गिरावट के बाद वैल्यूएशन थोड़े सहज हुए हैं। इसी वजह से फंड हाउस ने दोबारा निवेश खोलने का फैसला लिया है। उनका मानना है कि अब बाजार में ऐसे मौके मिल रहे हैं जहां अच्छे बिजनेस वाजिब कीमत पर मिल सकते हैं।
टाटा एसेट मैनेजमेंट के चीफ बिजनेस ऑफिसर आनंद वर्धराजन ने कहा कि यह फैसला इस भरोसे को दिखाता है कि मौजूदा बाजार में मजबूत बैलेंस शीट और टिकाऊ ग्रोथ वाली कंपनियों में निवेश के मौके मौजूद हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि स्मॉल कैप में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है, लेकिन हाल की गिरावट ने लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए बेहतर एंट्री पॉइंट बना दिए हैं।
निवेशकों के लिए क्या मतलब है
इस फैसले का मतलब यह है कि जो निवेशक लंबे समय के नजरिए से स्मॉल कैप में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए अब फिर से मौका खुल गया है। अब वे पहले के मुकाबले बेहतर वैल्यूएशन पर इस सेगमेंट में एंट्री कर सकते हैं।
फंड की बाकी सभी शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी। यानी सिर्फ निवेश खोलने का फैसला बदला है, स्कीम के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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