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शादी में मिले गहने बेचने पर नहीं लगेगा टैक्स? जानिए इनकम टैक्स का क्या है असली नियम

Tax on Selling Jewellery: क्या आप भी अपनी शादी में माता-पिता से मिले गहनों को बेचकर कैश भुनाने की योजना बना रहे हैं? अगर आपको लगता है कि गिफ्ट में मिले सोने पर बिक्री के वक्त कोई टैक्स नहीं लगता, तो आप गलत हो सकते हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स से समझिए पूरा नियम

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Sep 02, 2026 पर 1:47 PM
शादी में मिले गहने बेचने पर नहीं लगेगा टैक्स? जानिए इनकम टैक्स का क्या है असली नियम
गिफ्ट की वैल्यू चाहे कितनी भी हो और वह किसी से भी मिला हो, उस पर एक रुपया भी टैक्स नहीं लगता

Taxation on Jewellery Sale: शादी-ब्याह के मौके पर माता-पिता या रिश्तेदारों से मिले सोने-चांदी के गहने न सिर्फ इमोशनल महत्व रखते हैं, बल्कि मुश्किल समय में एक बड़े वित्तीय सहारे का काम भी करते हैं। अक्सर लोगों के मन में यह धारणा होती है कि शादी में मिला तोहफा टैक्स-फ्री होता है, इसलिए इसे बेचने पर मिलने वाला पूरा पैसा भी टैक्स से पूरी तरह मुक्त होगा।

अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं, तो अलर्ट हो जाइए। वित्तीय मामलों के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह बात पूरी तरह सही नहीं है। शादी में गहने मिलना तो टैक्स-फ्री है, लेकिन उन्हें बेचने से होने वाली कमाई पर कैपिटल गेंस टैक्स देना पड़ता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि टैक्स कानून क्या कहता है और गहने बेचने पर टैक्स का गणित कैसे तय होता है।

शादी में गहना मिलना टैक्स-फ्री, लेकिन बेचना नहीं!

मौजूदा इनकम टैक्स कानूनों के मुताबिक, शादी के अवसर पर मिलने वाले किसी भी गिफ्ट चाहे वह गहने हों, कैश हो या कोई अन्य संपत्ति पर पाने वाले व्यक्ति को कोई टैक्स नहीं देना होता। यह छूट पूरी तरह असीमित है। यानी गिफ्ट की वैल्यू चाहे कितनी भी हो और वह किसी से भी मिला हो, उस पर एक रुपया भी टैक्स नहीं लगता।

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