Tax Planning FY27: जल्दी शुरू करेंगे निवेश, तो टैक्स भी बचेगा और पैसा भी बढ़ेगा
Tax Planning FY27: क्या हर साल आप आखिरी समय में टैक्स बचाने के लिए भागदौड़ करते हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। ज्यादातर लोग साल के अंत में जल्दबाजी में निवेश करते हैं, जिससे ना तो पूरा टैक्स बचा पाते हैं और ना ही सही रिटर्न मिल पाता है
क्या हर साल आप आखिरी समय में टैक्स बचाने के लिए भागदौड़ करते हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं।
Tax Planning FY27: क्या हर साल आप आखिरी समय में टैक्स बचाने के लिए भागदौड़ करते हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। ज्यादातर लोग साल के अंत में जल्दबाजी में निवेश करते हैं, जिससे ना तो पूरा टैक्स बचा पाते हैं और ना ही सही रिटर्न मिल पाता है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आप साल की शुरुआत से ही थोड़ी-थोड़ी प्लानिंग शुरू कर दें, तो आसानी से टैक्स भी कम कर सकते हैं और अपने पैसे को बढ़ा भी सकते हैं।
सबसे पहले अपनी इनकम समझें
टैक्स प्लानिंग की शुरुआत अपनी कुल इनकम को समझने से होती है। इसमें सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि ब्याज, किराया और निवेश से होने वाली कमाई भी शामिल होती है। जब आपको अपनी पूरी इनकम का अंदाजा हो जाता है, तब आप बेहतर तरीके से टैक्स बचाने की योजना बना सकते हैं।
सही टैक्स रिजीम चुनना जरूरी
आज के समय में आपके पास दो विकल्प हैं - ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम।
ओल्ड रिजीम में 80C, 80D जैसी कई छूट मिलती हैं।
न्यू रिजीम में टैक्स रेट कम है, लेकिन छूट कम मिलती है।
इसलिए अपनी इनकम और निवेश के आधार पर तुलना करके सही विकल्प चुनना जरूरी है।
सेक्शन 80C से कैसे बचाएं टैक्स
सेक्शन 80C के तहत आप सालाना 1.5 लाख रुपये तक की छूट ले सकते हैं। इसमें ELSS, PPF, NPS, इंश्योरेंस प्रीमियम, होम लोन का प्रिंसिपल और बच्चों की फीस शामिल होती है।
आप चाहें तो इन सभी विकल्पों का मिश्रण बनाकर जोखिम और रिटर्न के बीच संतुलन बना सकते हैं।
कौन-सा निवेश आपके लिए सही?
ELSS: ज्यादा रिटर्न की संभावना, 3 साल का लॉक-इन।
PPF: सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न।
NPS: रिटायरमेंट के लिए बेहतर, अतिरिक्त टैक्स फायदा।
आपका चुनाव आपके टारगेट और जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
सरकारी स्कीम्स भी हैं फायदेमंद
अगर आप सुरक्षित निवेश चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट जैसे विकल्प अच्छे हैं। ये स्थिर रिटर्न के साथ टैक्स बचाने में भी मदद करते हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस को नजरअंदाज न करें
सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम भी टैक्स में छूट देता है। इससे न सिर्फ टैक्स कम होता है, बल्कि मेडिकल इमरजेंसी में आर्थिक सुरक्षा भी मिलती है।