ITR Filing: क्या सीनियर सिटीजंस को रिटर्न फाइल करने से छूट मिलती है?

ITR for Senior Citizens: पिछले साल फरवरी में पेश बजट में 75 साल और इससे ज्यादा उम्र के लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से छूट देने का ऐलान हुआ था। इस नियम का फायदा उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं

अपडेटेड Jul 21, 2022 पर 12:39 PM
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सरकार ने सीनियर सिटीजंस को ITR फाइलिंग से छूट देने के लिए इनकम टैक्स एक्ट, 1961 में सेक्शन 194P जोड़ा था।

Income Tax Return: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की डेडलाइन खत्म होने में दो हफ्ते से कम समय बचा है। नौकरी से सैलरी या पेंशन पाने वाले लोगों के लिए 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल करना जरूरी है। इसके बाद रिटर्न फाइल करने पर टैक्स देना होगा। सरकार सीनियर सिटीजंस को इनकम टैक्स के मामले में रियायत देती है। आइए जानते हैं सिनीयर सिटीजंस के लिए ITR फाइलिंग के क्या नियम हैं।

75 साल और इससे ऊपर के सीनियर सिटीजंस (ITR Rules for Senior Citizens) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना जरूरी नहीं है। 75 साल और इससे कम उम्र के सीनियर सिटीजंस को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा। उनके लिए भी इसकी आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2022 है।


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पिछले साल फरवरी में पेश बजट में 75 साल और इससे ज्यादा उम्र के लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से छूट देने का ऐलान हुआ था। इस नियम का फायदा उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। पहली, व्यक्ति इंडिया का सिटीजन होना चाहिए और पिछले फाइनेंशियल ईयर में उसकी उम्र 75 साल या इससे ज्यादा होनी चाहिए। दूसरी, व्यक्ति की इनकम का स्रोत सिर्फ पेंशन होनी चाहिए। पेंशन इनकम के अलावा जिस बैंक में उसकी पेंशन आती है, उस बैंक में उसकी इंटरेस्ट इनकम हो सकती है।

सरकार ने सीनियर सिटीजंस को यह छूट देने के लिए इनकम टैक्स एक्ट, 1961 में सेक्शन 194P जोड़ा था। इस बारे में पिछले साल 2 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया गया था। उपर्युक्त शर्तें पूरी करने वाले सीनियर सिटीजंस को अपने बैंक में एक डेक्लेरेशन सब्मिट करना होगा। इसमें यह बताना होगा कि बैंक पिछले वित्त वर्ष में उनकी इनकम से टीडीएस काट सकता है। अगर सीनियर सिटीजन ने बैंक को यह डिक्लेरेशन नहीं सब्मिट किया है तो उसे आईटीआर फाइल करना होगा।

सीनियर सिटीजन को फॉर्म 12BBA में बैंक को यह डेक्लेरेशन सब्मिट करना होगा। इसके बाद बैंक ग्रॉस टोटल इनकम (पेंशन प्लस इंटरेस्ट इनकम) कैलकुलेट करेगा। बैंक टैक्सेबल इनकम तय करने के लिए डिडक्शंस, टैक्स-एग्जेम्प्शंस और सेक्शन 87ए के तहत मिलने वाले रिबेट को ध्यान में रखेगा। उसके बाद टैक्सेबल इनकम के हिसाब से टीडीएस काट लेगा।

बैंक सीनियर सिटीजन को सेक्शन 194P के तहत काटे गए टैक्स के लिए फॉर्म 16 जारी करेगा। यह फॉर्म 16 उसी तरह से होगा जैसा कंपनियां अपने एंप्लॉयीज को हर साल जून में इश्यू करती हैं।

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