Income Tax Return: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना उन लोगों के लिए जरूरी है, जिनकी सालाना आमदनी 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है। अगर आपकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको 31 जुलाई, 2022 तक रिटर्न फाइल करना होगा। यह वित्त वर्ष 2021-22 में आपकी इनकम के लिए होगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) टैक्सपेयर्स को एसएमएस और ईमेल के जरिए ITR फाइलिंग के लिए रिमाइंडर भेज रहा है। इस बारे में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ट्विटर हैंडल से 19 जुलाई को ट्वीट भी किया गया है।
अगर आप डेडलाइन यानी आखिरी तारीख तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर देते हैं तो इसे रेगुलर रिटर्न फाइलिंग कहा जाता है। अगर किसी वजह से कोई व्यक्ति 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल नहीं कर पाता है तो वह इस साल 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल कर सकता है। 31 जुलाई के बाद फाइल किए जाने वाले इनकम टैक्स रिटर्न को बिलेटेड रिटर्न कहा जाता है।
बिलेटेड (Belated) अंग्रेजी का शब्द है। इसका मतलब होता है देर से। इसीलिए डेडलाइन यानी आखिरी तारीख के बाद रिटर्न फाइलिंग को बिलेटेड रिटर्न फाइलिंग कहा जाता है। आम तौर पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई होती है। कोरोना की महामारी की वजह से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 2021 और 2021 में अंतिम तारीख बढ़ा दी थी। पिछले साल (2021) में इनक टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर थी।
आपको अंतिम तारीख से पहले रिटर्न फाइल करने की कोशिश करनी चाहिए। इसकी वजह यह है कि बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी लगती है। पेनाल्टी दो तरह से लगती है। पहला तो जुर्माना लगता है। दूसरा, आपकी टैक्स लायबिलिटी पर इंटरेस्ट लगता है। अगर आपकी सालाना इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो पेनाल्टी 5000 रुपये होगी। सालाना इनकम 5 लाख रुपये से कम होने पर पेनाल्टी 1000 रुपये है।
बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर आपके टैक्स अमाउंट पर हर महीने 1 फीसदी इंटरेस्ट लगता है। यह इंटरेस्ट डेडलाइन के बाद पहले महीने से शुरू हो जाता है। इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। मान लीजिए आप इस साल दिसंबर के आखिर में रिटर्न फाइल करते हैं। फिर आपके इंटरेस्ट अमाउंट पर अगस्त से ही 1 फीसदी इंटरेस्ट लगना शुरू हो जाएगा। इसका मतलब है कि आप डेडलाइन के बाद जितनी देर से रिटर्न फाइल करेंगे, आपको टैक्स अमाउंट पर उतना ही ज्यादा इंटरेस्ट देना होगा।