CBDT ने 1.91 करोड़ टैक्सपेयर्स के खाते में वापस भेजे 1.71 लाख करोड़ रुपये, क्या आपको मिला रिफंड?

Income Tax Department ने बताया कि उसने मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक 1.97 करोड़ से अधिक टैक्सपेयर्स को 1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड जारी किया है

अपडेटेड Feb 16, 2022 पर 3:50 PM
Story continues below Advertisement
CBDT ने 1.91 करोड़ टैक्सपेयर्स को 1.71 लाख करोड़ रुपये रिफंड जारी किया

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने बुधवार को बताया कि उसने मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक 1.97 करोड़ से अधिक टैक्सपेयर्स को 1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड जारी किया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक ट्वीट में बताया, "1 अप्रैल 2021 से 14 फरवरी 2022 तक 1.97 करोड़ से अधिक करदाताओं को 1,71,555 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड जारी किया गया है।"

इस रिफंड में 63,234 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स रिफंड भी शामिल हैं, जिसे डायरेक्ट इनकम टैक्स दाखिल करने वाले 1.95 करोड़ इंडीविजुअल को जारी किया गया है। साथ ही कंपनियों की तरफ से दाखिल कॉरपोरेट टैक्स के 2.28 लाख मामलों में 1.08 लाख करोड़ रुपये का कॉरपोरेट टैक्स रिफंड जारी किए गए हैं।

अधिकतर रिफंड (1.39 लाख करोड़ रुपये) जो जारी किए गए हैं, वह वित्त वर्ष 2021 (2020-21) के असेसमेंट ईयर के लिए भुगतान किए गए इनकम टैक्स के लिए हैं। व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए वित्त वर्ष 2021 के इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2021 थी। जबकि कॉरपोरेट टैक्सपेयर्स के लिए यह तारीख 15 मार्च, 2022 है।


यह भी पढ़ें- Zomato, Paytm, Nykaa के शेयरों ने छुआ अपना सबसे निचला स्तर, इनमें पैसा लगाने वाले निवेशक अब क्या करें?

सरकार वित्त वर्ष 2021 के लिए सामान्य से थोड़ा अधिक समय के साथ रिफंड जारी कर रही है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बताया था कि रिफंड के तेज प्रॉसेसिंग के लिए सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया जा रहा है, जिसके चलते इस प्रक्रिया में देरी होगी। हालांकि, CBDT ने भी मौजूदा वित्त वर्ष (2021-22) के लिए 1.58 करोड़ मामलों में 31,857.27 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया है।

सरकार की तरफ से भुगतान की गई आयकर रिफंड की कुल राशि में हर साल उतार-चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2016 में सरकार ने कुल 1.22 लाख करोड़ रुपये रिफंड के रूप में दिए थे। वित्त वर्ष 2017 में यह राशि बढ़कर 1.62 करोड़ रुपये हो गई थी। हालांकि वित्त वर्ष 2018 में यह घटकर 1.51 लाख करोड़ पर आ गई और वित्त वर्ष 2019 में भी लगभग इतनी ही राशि 1.5 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।