चंडीगढ़ में दो दिन से चल रही GST काउंसिल की बैठक खत्म हो चुकी है। दरों को लेकर इसमें कई बड़े फैसले हुए हैं लेकिन कैसिनो और हॉर्स रेसिंग पर 28 परसेंट GST लगाने का फैसला फिलहाल टल गया है। आज राज्यों के कंपेनसेशन पर भी चर्चा हुई। बता दें कि कंपेनसेशन 30 जून को खत्म हो रहा है। जीएसटी काउंसिल की 47वीं मीटिंग में राज्यों के लिए जीएसटी मुआवजा मैकेनिज्म के विस्तार के विवादास्पद मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
पुडुचेरी के वित्त मंत्री के लक्ष्मीनारायणन ने PTI को बताया कि सभी राज्यों ने मुआवजे मैकेनिज्म के विस्तार की मांग की लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया। जीएसटी काउंसिल की अगस्त में होने वाली अगली बैठक में इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
बता दें कि जब जीएसटी लागू किया गया था तब राज्यों को जून 2022 तक राजस्व नुकसान के लिए मुआवजा देनें का वादा किया गया था। मुआवजे की इस राशि को लक्जरी, डीमेरिट और सिन गुड्स पर लगने वाले 28 फीसदी टैक्स के अलावा अतिरिक्त टैक्स लगाकर जुटाने का प्रावधान किया गया था।
GST काउंसिल की इस बैठक में दरों को लेकर इसमें कई बड़े फैसले हुए हैं लेकिन कैसिनो और हॉर्स रेसिंग पर 28 फीसदी GST लगाने का फैसला फिलहाल टल गया है। क्रिप्टोकरेंसी पर 28 फीसदी GST का फैसला भी टल गया है। क्रिप्टोकरेंसी के लिए नई कमिटी के गठन की बात कही गई है। बता दें कि अभी क्रिप्टो एक्चेंजेंस की एक्टिविटी पर 18 फीसदी GST लगती है।
जीएसटी काउंसिल की मीटिंग पर एफएम का बयान
इस बीच आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंश में FM ने कहा कि हमने 4 GoM की रिपोर्ट पर फैसला ले लिया है। राज्यों का GST मुआवजा बढ़ाने पर फैसला नहीं लिया गया है। जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में रेट रेशनलाइजेशन पर कोई चर्चा नहीं हुई है। रेट रेशनलाइजेशन पैनल को 3 महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। उन्होंने ये भी बताया कि इनवर्टेड ड्यूटी को लेकर सिफारिश मंजूर कर ली गई है। बेटिंग, गैम्बलिंग और कसीनो पर कोनराड संगमा की GoM ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो पर फैसला बाद में लिया जाएगा। हॉर्स रेसिंग पर भी फैसला टला है। उन्होंने आगे बताया कि ई-गेमिंग पर GoM से 15 जुलाई तक रिपोर्ट मांगी गई है। अगस्त की GST बैठक में इस रिपोर्ट पर फैसला होगा। अगस्त के पहले हफ्ते में काउंसिल की अगली बैठक होगी।
इस बीच राजस्थान के मंत्री शांति धारीवाल ने कहा है कि दरों में बढ़ोतरी के फैसले से महंगाई बढ़ेगी। हमने अगले 5 साल तक जीएसटी मुआवजे की अवधि बढ़ाने की मांग की है। जीएसटी से हर साल करीब 4800 करोड़ रु का नुकसान हो रहा है।