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ITR फाइल करने पहले से एंप्लॉयीज के लिए फॉर्म-16 की बारीकियां समझना बेहद जरूरी

वेतनभोगी एंप्लॉयीज के लिए कई डॉक्युमेंट्स उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में मदद मिल सकती है। इनमें से एक दस्तावेज है फॉर्म-16, जिसमें किसी शख्स की सैलरी, भत्ते, कटौतियों आदि का जिक्र होता है। नियम के मुताबिक, एंप्लॉयर्स यानी कंपनियां हर साल 15 जून या इससे पहले फॉर्म 16 जारी करती हैं, जिसमें टैक्स कटौतियों का ब्यौरा होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 06, 2024 पर 4:51 PM
ITR फाइल करने पहले से एंप्लॉयीज के लिए फॉर्म-16 की बारीकियां समझना बेहद जरूरी
Form 16: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए फॉर्म 16 एक जरूरी दस्तावेज है।

वेतनभोगी एंप्लॉयीज के लिए कई डॉक्युमेंट्स उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में मदद मिल सकती है। इनमें से एक दस्तावेज है फॉर्म-16, जिसमें किसी शख्स की सैलरी, भत्ते, कटौतियों आदि का जिक्र होता है। नियम के मुताबिक, एंप्लॉयर्स यानी कंपनियां हर साल 15 जून या इससे पहले फॉर्म 16 जारी करती हैं, जिसमें टैक्स कटौतियों का ब्यौरा होता है।

फॉर्म 16 में क्या-क्या होता है

पार्ट A

इस सेक्शन में एंप्लॉयर और एंप्लॉयी के बारे में ब्यौरा होता है। इसके तहत दोनों का पैन नंबर, एंप्लॉयर का टैन (टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन एकाउंट नंबर) और रोजगार से जुड़ी अवधि शामिल होती है। इसके अलावा, इसमें टैक्स कटौतियों के बारे में भी जानकारी होती है।

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