क्या आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया है? अगर नहीं किया है तो जल्द कर दीजिए। अंतिम वक्त में रिटर्न फाइल करने में गड़बड़ी होने की ज्यादा आशंका होती है। इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट (E-Filing Website) में भी प्रेशर बढ़ने से प्रॉब्लम शुरू हो जाती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 2 जून को अपने ट्विटर हैंडल से एडवायजरी शेयर किया था।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपनी एडवायजरी में बताया था कि टैक्सपेयर्स को देर से रिटर्न फाइल करने से बचना चाहिए। आप डेडलाइन के बाद भी रिटर्न फाइल कर सकते हैं, लेकिन तब आपको पेनाल्टी और टैक्स के अमाउंट पर इंटरेस्ट चुकाना होगा। इस बार इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए 31 जुलाई डेडलाइन है।
इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 139 के तहत इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख आम तौर पर 31 जुलाई होती है। कंपनी, ऐसा व्यक्ति जिसके अकाउंट का ऑडिट होना जरूरी है और कुछ अन्य लोगों को छोड़ सभी के लिए रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई है।
अगर आप किसी वजह से 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल नहीं कर पाते हैं तो आप इस साल 31 दिसंबर तक कर सकते हैं। इसे बिलेटेड रिटर्न कहा जाता है। बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर आपको टैक्स अमाउंट पर इंटरेस्ट के साथ पेनाल्टी देना होगा।
बिलेटेड रिटर्न एसेसमेंट ईयर खत्म होने या एसेसमेंट पूरा होने से 3 महीने पहले तक (जो भी पहले हो) फाइल किया जा सकता है। लेकिन, आपको ध्यान में रखना होगा कि रेगुलर रिटर्न और बिलेटेड रिटर्न फाइल करना एक ही बात नहीं है।
अगर रिटर्न फाइल करने वाले व्यक्ति की सालाना टोटल इनकम 5,00,000 लाख रुपये से ज्यादा है उसे 5,000 रुपये पेनाल्टी देनी होगी। अगर सालाना टोटल इनकम 5 लाख रुपये से कम है तो पेनाल्टी 1000 रुपये होगी।
अगर किसी वजह से आप 31 दिसंबर की भी डेडलाइन मिस कर जाते हैं तो आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर सकते। ऐसी स्थिति में अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की स्क्रूटनी में आपका नाम आता है तो डिपार्टमेंट आपको बताएगी कि आपको क्या करना है।
आइए अब जानते हैं कि आपको टैक्स अमाउंट पर कितना इंटरेस्ट लगेगा। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234 में इस बारे में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि आपका इंटरेस्ट एडवॉन्स टैक्स की पहली किश्त से शुरू हो जाता है। एडवान्स टैक्स की चार किश्तों की तारीख- 15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर और 15 मार्च हैं।
सेक्शन 234सी के मुताबिक, अगर आप समय पर एडवान्स टैक्स जमा करने से चूक जाते हैं तो आपको तब तक हर महीने 1 फीसदी पेनाल्टी या उसका कुछ हिस्सा देना होगा जब तक कि आप पूरा टैक्स नहीं चुका देते या फाइनेंशियल ईयर खत्म नहीं हो जाता। फाइनेंशियर ईयर खत्म होने पर आपको अपने इनकम टैक्स रिटर्न चुकाने की तैयारी शुरू कर देनी पड़ती है। इसलिए कि आप 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल कर दें। जिस ईयर में आप अपना रिटर्न फाइल करते हैं उसे एसेसमेंट ईयर कहा जाता है।
अगर आपने फाइनेंशियल ईयर में 31 मार्च तक अपना 90 फीसदी एडवान्स टैक्स नहीं चुका देते तो सेक्शन 234बी के तहत 1 अप्रैल से इंटरेस्ट लगना शुरू हो जाता है। यहीं वजह है कि टैक्स एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जितना जल्द हो सके रिटर्न फाइल कर देना चाहिए।
अगर आप एसेसमेंट ईयर में 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं तो आपके सेक्शन 234बी के तहत अपने टैक्स अमाउंट पर हर महीने 1 फीसदी या उसका कुछ हिस्सा चुकाना पड़ता है।
अगर आप रिटर्न फाइल करना मिस कर जाते हैं और डेडलाइन (31 जुलाई) तक बकाया टैक्स चुका देते हैं तो आपके पास एसेसमेंट ईयर के 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका होगा। इसका मतलब यह है कि डेडलाइन के बाद बकाया टैक्स पर इंटरेस्ट लगना शुरू हो जाता है।