वित्त वर्ष 2021 (एसेसमेंट ईयर 2021-22) के लिए अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-U) भरने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2024 है। अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न के तहत, पहले भरे रिटर्न में हुई गड़बड़ियों को सुधारा जा सकता है। संबंधित एसेसमेंट ईयर खत्म हो जाने के बाद इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 139(8A) के तहत आपको अपने ITR में संशोधन करने की अनुमति होती है। अगर आपने गड़बड़ियों को नहीं सुधारा और टैक्स अथॉरिटी को इस बारे में पता चल जाता है, तो आप पर बकाया टैक्स का 200 पर्सेंट तक जुर्माना लग सकता है।
दिल्ली की सीए फर्म रवि रंजन एंड कंपनी के फाउंडर एस. रवि ने बताया कि एसेससमेंट ईयर 2017-18 से नया सेक्शन 270ए लागू किया गया है, जिसके तहत अगर कोई शख्स अपनी इनकम छिपाता है, तो उसे पर बकाया टैक्स का 50% या 200% जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, सेक्शन 271 के मुताबिक, एसेसमेंट ईयर 2016-17 तक के बकाया टैक्स पर 300 पर्सेंट तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
अपडेटेड रिटर्न भरने की समयसीमा क्या है?
संबंधित एसेसटमें ईयर खत्म हो जाने के बाद टैक्सपेयर्स के पास संशोधित रिटर्न भरने के लिए 24 महीने का वक्त होता है। हालांकि, इसके लिए अन्य दिशा-निर्देश भी तय किए गए हैं। अगर कोई टैक्सपेयर वित्त वर्ष 2020-21 की समयसीमा चूक गया है, तो उसे रिटर्न फाइल करने के लिए 31 मार्च तक इंतजार करना होगा।
ITR-U फाइल करने की किसे जरूरत है?
जिन टैक्सपेयर्स ने अपना रिटर्न फाइल किया है या संबंधित एसेसमेंट ईयर के लिए रिटर्न नहीं फाइल नहीं किया है, वे अपडेटेड रिटर्न के साथ अपना रिटर्न डॉक्युमेंट फाइल कर सकते हैं। यहां यह भी बताना जरूरी है कि ITR-U का इस्तेमाल रिफंड के लिए नहीं किया जा सकता।
क्या ITR-U फाइल करने के लिए अतिरिक्त टैक्स भुगतान करने की जरूरत है?
अतिरिक्त टैक्स का भुगतान किए बिना ITR-U फाइल नहीं किया जा सकता है। हालांकि, इसमें भी कई तरह की शर्तें लागू होती हैं। अतिरिक्त टैक्स, कुल टैक्स का 50 पर्सेंट होगा और इसके अलावा, संशोधित रिटर्न फाइल करने से जुड़े ब्याज का भुगतान भी करना होगा। हालांकि, अगर अपडेटेड ITR-U, संशोधित रिटर्न या देरी से रिटर्न भरने की समयसीमा के बाद फाइल किया गया है, लेकिन यह संबंधित एसेसमेंट ईयर खत्म होने एक साल पहले भरा गया है, तो इस पर कुल टैक्स का 25 पर्सेंट अतिरिक्त टैक्स और ब्याज देना होगा।