Get App

Income Tax Notice: एक साल में कभी न करें ये 6 ट्रांजेक्शन, वरना इनकम टैक्स विभाग थमा देगा नोटिस

Income Tax Notice: इनकम टैक्स विभाग ने कुछ ऐसे ट्रांजेक्शन की पहचान की है। जिस पर विभाग की ओर से खास तौर से ध्यान दिया जाता है। ऐसे में अगर आप भी एक साल में कुछ ऐसे ट्रांजेक्शन कर बैठे तो इनकम टैक्स नोटिस मिलना तय है। बैंक, म्यूचुअल फंड, ब्रोकरेज हाउस और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार में लिमिट से ज्यादा के कैश ट्रांजेक्शन पर विभाग को जानकारी देना जरूरी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 20, 2025 पर 11:15 AM
Income Tax Notice: एक साल में कभी न करें ये 6 ट्रांजेक्शन, वरना इनकम टैक्स विभाग थमा देगा नोटिस
Income Tax Notice: फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में एक साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा जमा करने पर इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिल सकता है।

इनकम टैक्स बचाने के चक्कर में कुछ लोग गलती कर बैठते हैं। बाद में लेने के देने पड़ जाते हैं। ऐसे में कुछ ट्रांजेक्शन करें उसे इनकम टैक्स एक्ट के तहत करें। इससे कभी मुसीबत में नहीं फंसेंगे। दरअसल, लंबे ट्रांजेक्शन पर इनकम टैक्स विभाग अपनी पैनी नजर बनाए रहता है। जैसे ही आपने कोई कैश ट्रांजेक्शन किया तो फौरन इनकम टैक्स के रडार में पहुंच जाएंगे। इसके बाद बचने के आसार बेहद कम रह जाते हैँ। ऐसे में हम आपको कुछ ऐसे ट्रांजेक्श बता रहे हैं। जिन्हें एक साल के भीतर कभी भी नहीं करना चाहिए। अगर ट्रांजेक्शन की जरूरत है तो इनकम टैक्स विभाग को इस बात की जानकारी जरूरत दें।

दरअसल, बैंक, म्यूचुअल फंड, ब्रोकरेज हाउस और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार के पास अगर तय लिमिट से ज्यादा के कैश ट्रांजेक्शन करते हैं तो उन्हें आयकर विभाग की इसकी सूचना देनी होती है। आइए जानते हैं ऐसे ही 6 ट्रांजेक्शन के बारे में, जो आपको दिक्कत में डाल सकते हैं। जिससे इनकम टैक्स विभाग नोटिस थमा सकता है।

10 लाख से ज्यादा की FD पर मिल सकता है नोटिस

अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में एक साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा जमा करते हैं। तब ऐसी स्थिति में इनकम टैक्स विभाग की ओर से मिल सकता है। भले ही वो एक बार में जमा किए हों या कई बार में या फिर कैश ट्रांजैक्शन हों या डिजिटल। इनकम टैक्स विभाग आपसे इन पैसों के स्रोत के बारे में पूछ सकता है और आपको नोटिस भेज सकता है। ऐसे में FD में अधिकतर पैसे चेक के जरिए जमा करना चाहिए। एक वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे अधिक की राशि कैश में जमा होने पर बैंकों को इसके बारे में सीबीडीटी को जानकारी देनी होती है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें