आयकर विभाग ने बुधवार को कहा कि उसने बेंगलुरु स्थित फार्मा कंपनी माइक्रोलैब्स लिमिटेड (MicroLabs Limited) पर छापा मारकर 1.20 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी, 1.40 करोड़ रुपये से अधिक के सोने और हीरे के आभूषण जब्त किए। आयकर विभाग ने कहा "छापे के दौरान दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के रूप में पर्याप्त आपत्तिजनक सबूत मिले हैं जिन्हे 6 जुलाई को जब्त कर लिया गया है।"
टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक सबूत बताते हैं कि फार्मा ग्रुप ने मेडिकल प्रोफेशनल्स को बांटे गये मुफ्त उपहारों का हिसाब 'सेल्स एंड प्रमोशन' के तहत अपने बुक ऑफ अकाउंट में शामिल कर दिया है।
सबूतों के मुताबिक समूह ने अपने उत्पादों/ब्रांडों को बढ़ावा देने के लिए अनैतिक व्यवहार अपनाया है। आईटी विभाग ने कहा कि इस तरह के मुफ्त उपहारों की राशि लगभग 1,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
मनीकंट्रोल ने माइक्रोलैब्स के आधिकारिक प्रवक्ता से संपर्क किया, जिन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी भी घटनाक्रम की जानकारी नहीं है और उन्होंने इस संबंध में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
दिलचस्प बात यह है कि माइक्रोलैब्स के डोलो 650 ने COVID-19 के दौरान बड़ी कमाई की और कंपनी इस सेक्टर में मार्केट लीडर बन गई।
आईटी विभाग के अनुसार, समूह ने कुछ आय के संबंध में विशेष प्रावधानों के तहत बढ़ा-चढ़ाकर डिडक्शन का क्लेम किया है।
आयकर विभाग ने कहा “कर चोरी के कई अन्य साधनों का भी पता चला है। इसमें पात्र यूनिट्स को रिसर्च एंड डेवलपमेंट खर्च का अपर्याप्त आवंटन और सेक्शन 35 (2एबी) के तहत व्हेटेड डिडक्शन का क्लेम भी शामिल है। इस तरह से कर चोरी किये जाने राशि 300 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।”
इस छापे के तहत अधिकारियों ने 9 राज्यों में फैले 36 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।