Income Tax Return: टैक्स भरने के लिए मिलने लगे फॉर्म, ऑनलाइन करें दाखिल, जानिए आपके लिए कौन सा है फॉर्म

Income Tax Return: वित्त वर्ष 2023-24 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2024 है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने FY 2023-24 के लिए ITR-1, ITR-2 और ITR-4 फॉर्म मुहैया करा दिए हैं। ऐसे में टैक्सपेयर्स इन फॉर्म्स को भरकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं। इसे आप ऑनलाइन भर सकते हैं

अपडेटेड Apr 04, 2024 पर 12:14 PM
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ITR Forms: इनकम टैक्स रिटर्न के लिए कई तरह के फॉर्म होते हैं। लिहाजा सोच समझकर ही फॉर्म का चयन करना चाहिए।

Income Tax Return: 1 अप्रैल से देश भर में नया वित्त वर्ष शुरू हो जाता है। इसी के साथ ही अप्रैल महीने में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। टैक्स भरने के लिए विभाग ने ऑनलाइन फॉर्म मुहैया करा दिए हैं। यानी कि अब टैक्सपेयर्स चाहें तो अपना टैक्स रिटर्न भर सकते हैं। डिपार्टमेंट ने FY 2023-24 (AY 2024-25) के लिए ITR-1, ITR-2, और ITR-4 फॉर्म मुहैया करा दिए हैं। बता दें कि ये सभी फॉर्म इंडिविजुअल, प्रोफेशनल और स्मॉल बिजनेस करने वालों के लिए होते हैं। अब जो भी टैक्सपेयर्स इन फॉर्म को भरने के पात्र हैं। वो अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

इनकम टैक्स रिटर्न भरना काफी सावधानी वाला काम है। बहुत सारे लोग इसके लिए प्रोफेशनल्स की मदद लेते हैं। जबकि खुद से ITR फाइल करने वालों की भी बड़ी संख्या है। अगर आप खुद से इनकम टैक्स रिटर्न भरना चाहते हैं तो सबसे पहली समस्या इस बात की आती है कि आपको कौन सा ITR फॉर्म भरना चाहिए।

किसे भरना है कौन सा ITR Form?


इनकम टैक्स रिटर्न के लिए कई तरह के फॉर्म होते हैं। अगर आप गलत फॉर्म के साथ रिटर्न भरेंगे तो डिपार्टमेंट उसे डिफेक्टिव बताकर रिजेक्ट कर सकता है।

ITR-1

अगर आपकी कमाई 50 लाख रुपये तक है, तो यह फॉर्म चुन सकते हैं। हालांकि आमदनी का जरिया सैलरी, फैमिली पेंशन, एक आवासीय संपत्ति से होना चाहिए। खेती (कृषि) से 5,000 रुपये तक की आय होने पर भी ITR-1 भर सकते हैं। हालांकि अगर आप किसी कंपनी में डायरेक्टर है या किसी अनलिस्टेड कंपनी में आपके शेयर हैं, तो आप यह फॉर्म नहीं भर सकते हैं। सैलरी पर काम करने वाले इंडिविजुअल अपनी कंपनी से फॉर्म-16 मिलने के बाद ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

ITR-2

जिनकी कमाई 50 लाख रुपये से ज्यादा होती है। वो इस फॉर्म को भर सकते हैं। इसमें एक से ज्यादा आवासीय संपत्ति, इन्वेस्टमेंट पर हुए कैपिटल गेन या लॉस, 10 लाख रुपये से ज्यादा की डिविडेंड इनकम और खेती से हुई 5000 रुपये से ज्यादा की कमाई की जानकारी देनी होती है। अगर प्रॉविडेंट फंड से ब्याज के तौर पर कमाई हो रही है, तब भी यही फॉर्म भरना होता है।

ITR-3

अगर आपको किसी बिजनेस के प्रॉफिट से कमाई हो रही है तो यह फॉर्म भरना होगा. इसमें आईटीआर-1 और आईटीआर-2 में दी जाने वाली सभी इनकम की जानकारी देनी होती है। शेयर या प्रॉपर्टी की बिक्री से कैपिटल गेन और ब्याज या डिविडेंड से इनकम में भी यही फॉर्म भरना होता है।

ITR-4

इसे सुगम के नाम से भी जाना जाता है। यह फॉर्म 50 लाख रुपये से ज्यादा कमाई वाली उन कंपनियों के है। जिन्हें 44 AD, 44 ADA या 44AE जैसे सेक्शंस के दायरे में आने वाली कमाई हो रही है।

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