Income Tax: रिवाइज्ड, बिलेटेड और अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न के बीच क्या फर्क है?

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद आपको लगता है कि आपने उसमें कोई गलती कर दी है या कोई आंकड़ा गलत दे दिया है तो आपको अपना रिटर्न रिवाइज करना चाहिए। इसके लिए आपको तय समयसीमा के अंदर रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करना होगा

अपडेटेड Aug 19, 2022 पर 4:49 PM
अपडेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए टैक्सपेयर को भारी पेनाल्टी चुकानी पड़ती है।

पिछले फाइनेंशियल ईयर के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन खत्म हो चुकी है। लेकिन, कुछ मामलों में टैक्सपेयर्स अब भी अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपने रिटर्न फाइल कर दिया है, लेकिन आपको उसमें किसी तरह की गलती का पता चलता है तो आप रिवाइज्ड रिटर्न (Revised Return) फाइल कर सकते हैं।

अगर आपने फाइनेंशियल ईयर 2021-22 का टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है तो आप बिलेटेड रिटर्न (belated return) फाइल कर सकते हैं। अगर आप अपना पुराना रिटर्न अपडेट करना चाहते हैं तो आप यह भी कर सकते हैं। लेकिन, इसकी कुछ सीमाएं हैं। साथ ही पेनाल्टी भी देनी पडे़गी।

Revised Return

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद आपको लगता है कि आपने उसमें कोई गलती कर दी है या कोई आंकड़ा गलत दे दिया है तो आपको अपना रिटर्न रिवाइज करना चाहिए। इसके लिए आपको तय समयसीमा के अंदर रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करना होगा।


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टैक्समैनेजर डॉट इन के चीफ एग्जिक्यूटिव दीपक जैन ने कहा, "यह रिटर्न संबंधित एसेसमेंट ईयर खत्म होने के तीन महीने के पहले या एसेसमेंट पूरा होने से पहले, इनमें से जो भी पहले हो उसमें फाइल करना होगा।" इसका मतलब यह है कि एसेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए आप 31 दिसंबर, 2022 तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

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जरूरत पड़ने पर टैक्स रिटर्न को रिवाइज करने के दौरान आप आईटीआर फॉर्म को भी बदल सकते हैं। एकेएम ग्लोबल के टैक्स मार्केट्स के हेड यशू सहगल ने कहा, "किसी वास्तविक गलती को ठीक करने के लिए हो सकता है कि डिपार्टमेंट की तरफ से कोई पेनाल्टी नहीं लगाई जाए। सेक्शन 234बी और 234सी के तहत हर बार रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने पर इंटरेस्ट का दोबारा कैलकुलेशन होगा। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने से पहले टैक्सपेयर को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऑरिजिनल रिटर्न को वेरिफाय कर दिया गया है।"

रिटर्न रिवाइज आप एक से ज्यादा बार भी कर सकते हैं। लेकिन, यह याद रखें कि अगर आपने पेपर फॉरमैट में रिटर्न फाइल किया है तो फिर आप इसे ऑनलाइन रिवाइज्ड नहीं कर सकते।

Belated Return

समयसीमा के अंदर फाइल किए गए वैलिड रिटर्न को सेक्शन 139(1) के तहत ऑरिजिनल रिटर्न कहा जाता है। एसेसमेंट ईयर 2022-23 के तहत इसकी आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2022 थी। सहगल ने कहा, "अगर कोई टैक्सपेयर डेडलाइन के अंदर रिटर्न फाइल नहीं करता है, लेकिन उसके बाद रिटर्न फाइल करता है तो उसके सेक्शन 139(4) के तहत बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) कहा जाता है।"

बिलेटेड रिटर्न संबंधित एसेसमेंट ईयर खत्म होने के तीन महीने के अंदर फाइल किया जा सकता है। इसलिए 31 जुलाई, 2022 के बाद और 31 दिसंबर, 2022 तक फाइल किए गए रिटर्न को बिलेटेड रिटर्न कहा जाएगा।

बिलेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए टैक्सपेयर को पेनाल्टी देनी होगी। अगर टैक्सपेयर की सालाना इनकम 5 लाख रुपये से कम है तो उसे 1000 रुपये की पेनाल्टी लगेगी। सालाना इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा होने पर पेनाल्टी 5 हजार रुपये होगी।

Updated Return

फाइनेंस एक्ट 2022 के जरिए सेक्शन 139 में सबसेक्शन (8A) जोड़ा गया। अपडेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए ऐसा किया गया। इस सेक्शन में यह प्रावधान है कि किसी व्यक्ति ने ऑरिजिनल, बिलेटेड या रिवाइज्ड रिटर्न फाइल किया हो या नहीं, वह अपडेटेड रिटर्न फाइल कर सकता है। इसके लिए कुछ शर्तें हैं।

सहगल ने कहा, "अपडेटेड रिटर्न फाइलिंग के लिए सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की नई फैसिलिटी शुरू की है, जिसे 'अपडेटेड रिटर्न' कहा जाता है।"

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अपडेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए टैक्सपेयर को भारी पेनाल्टी चुकानी पड़ती है। सहगल ने कहा, "टैक्सपेयर को बकाया टैक्स और इंटरेस्ट के साथ इस टैक्स और इंटरेस्ट का अतिरिक्त 50 फीसदी अमाउंट भी चुकाना पड़ता है। जो टैक्सपेयर फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए टैक्स रिटर्न फाइल करना चाहते हैं उन्हें बकाया टैक्स और इंटरेस्ट का 25 फीसदी अतिरिक्त अमाउंट चुकाना होगा।"

यह ध्यान में रखना जरूरी है कि लोअर इनकम या लॉस दिखाने के लिए अपडेटेड रिटर्न फाइल करने की इजाजत नहीं है। सहगल ने बताया कि पहले कभी हुए गेंस को लॉस से सेट-ऑफ करने के लिए अपडेटेड रिटर्न नहीं फाइल किया जा सकता।

अपडेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए अलग आईटीआर फॉर्म आता है, जिसे ITR Form U कहा जाता है। आपको अपडेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए उसका कारण बताना होगा।

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