अगर आप पैसे कमाते हैं, तो जाहिर है कि आपको इनकम टैक्स का भुगतान करना होगा। वित्त वर्ष 2022 या एसेसमेंट ईयर 2023 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2022 है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख हर टैक्सपेयर्स के लिए अलग-अलग होती है, जो उनके कैटेगरी के आधार पर तय होती है। इसलिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीखों पर ध्यान देना जरूरी है। ITR की तारीख चूकने पर एक टैक्सपेयर्स को भारी पेनाल्टी और देय टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है।
वित्त वर्ष 2022 के लिए विभिन्न ITR फॉर्म और उसकी अंतिम तारीखों के बारे में आप यहां जानकारी जान सकते हैं-
1) सैलरी वाले और ऐसे दूसरे व्यक्ति जिन्हें अपने खातों का ऑडिट करने की आवश्यकता नहीं है, उन्हें 31 जुलाई, 2022 तक आईटीआर दाखिल करना होगा।
3) ऐसे टैक्सपेयर्स जिन्हें अपने खातों का ऑडिट करने की आवश्यकता है, उन्हें 31 अक्टूबर 2022 तक अपना आईटीआर दाखिल करना होगा। यह नियम उन व्यक्तियो, किसी फर्म के पार्टनर, कंपनी या प्रोपराइटरशिप जैसी दूसरी उन संस्थाों पर लागू होता है, जो ITR फाइल करने के लिए अपने खाते को चार्टेड अकाउंटेंट से ऑडिट कराते हैं।
4) इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 92ई के तहत, प्रत्येक व्यक्ति जिसने कोई इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन किया है या कुछ तय घरेलू ट्रांजैक्शन किए हैं, उसे चार्टेड अकाउंटेंट रिपोर्ट लेने एक निर्धारित तिथि या उससे पहले प्रस्तुत करना होता है। यह रिपोर्ट एक तय फार्मेट में चार्टेड अकाउंटेंट की तरफ से प्रिस्क्राइब्ड, हस्ताक्षरित और सत्यापित होनी चाहिए। ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर, 2022 होगी।
अगर अंतिम तारीख तक ITR दाखिल करने से चूक गए, तब क्या होगा?
अगर आप दी गई तारीख के भीतर आयकर रिटर्न दाखिल करने से चूक जाते हैं, तो आप बाद में जुर्माना और ब्याज के साथ लेट रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। एसेसमेंट ईयर 2018 तक, लेट आईटीआर दाखिर करने पर कोई जुर्माना नहीं था। हालांकि बाद में फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इस नियम को बदल दिया।
इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 139 (4) के तहत, टैक्सपेयर्स लेट फीस जमा करके रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इंडीविजुअल टैक्सपेयर्स अगर 31 जुलाई 2022 की समयसीमा बीतने के बाद आईटीआई दाखिल करते हैं, तो 5,000 रुपये का विलंब शुल्क लिया जाएगा। अगर किसी व्यक्ति की कुल आय एक वित्त वर्ष में 5 लाख रुपये से कम है, तो उस पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अलावा, समय सीमा के बाद ITR दाखिल करने पर टैक्सपेयर्स को जुर्माने के रूप में अतिरिक्त ब्याज भी देना पड़ सकता है। यदि आप पर कोई बकाया कर है, तो उस पर ब्याज लगाया जाएगा। बकाया राशि पर हर माह 1 प्रतिशत की दर से ब्याज लिया जाएगा। हालांकि, अगर आपकी कोई टैक्स देनदारी नहीं है, तो आपको केवल लेट फीस जमा करना होगा।