ITR Filing : 31 दिसंबर की डेडलाइन के बाद भी नहीं लगेगी पेनाल्टी, अगर इस कैटेगरी के टैक्सपेयर हैं आप

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने के लिए निर्धारित तारीख 31 दिसंबर बीत गई है

अपडेटेड Jan 04, 2022 पर 5:47 PM
वित्त वर्ष 21 यानी एसेसमेंट ईयर 2021-22 से प्रभावी पेनल्टी 5,000 रुपये है

income tax returns ITR : वित्त वर्ष 2020-21 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने के लिए निर्धारित तारीख 31 दिसंबर बीत गई है। ऐसे में, जिन्होंने अभी तक आईटीआर फाइल नहीं किया है तो उन्हें लेट फीस देनी होगी। हालांकि, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बिना किसी पेनाल्टी के निर्धारित तारीख के बाद भी आईटीआर फाइल कर सकते हैं।

2021 तक, यदि टैक्सपेयर आईटीआई फाइलिंग की डेडलाइन से चूक जाता था तो उसे अधिकतम 10 हजार रुपये की पेनाल्टी देनी होती थी।

हालांकि वित्त वर्ष 21 (एसेसमेंट ईयर 2021-22) से प्रभावी पेनाल्टी 5,000 रुपये है।

डेडलाइन से चूकने पर किसे नहीं देनी होगी पेनाल्टी

इनकम टैक्स कानूनों (income tax laws) के मुताबिक, बेसिक एक्जम्प्शन लिमिट से कम ग्रॉस इनकम वाले लोगों को देर से आईटीआर भरने के लिए पेनाल्टी नहीं देनी होगी।


एक व्यक्ति पर बेसिक एक्जम्प्शन लिमिट इस बात पर निर्भर करेगी कि उसने कौन सा टैक्स रेजीम चुना है। नए रेजीम में, जहां कोई भी एक्जम्प्शन लागू नहीं है, बेसिक एक्जम्प्शन लिमिट 2.5 लाख रुपये होगी।

हालांकि, पुराने इनकम टैक्स रेजीम में, बेसिक एक्जम्प्शन लिमिट किसी व्यक्ति की उम्र पर निर्भर करेगी।

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ध्यान रखिए कि पुराने टैक्स रेजीम में, 60 वर्ष से कम उम्र वालों के लिए बेसिक एक्जम्प्शन लिमिट 2.5 लाख रुपये है और 60 साल से ज्यादा लेकिन 80 साल से कम उम्र वालों के लिए यह 3 लाख रुपये है। वहीं 80 वर्ष से ज्यादा उम्र वालों के लिए बेसिक एक्जम्प्शन लिमिट 5 लाख रुपये है।

यदि ये शर्तें लागू होती हैं तो ऐसे व्यक्ति को डेडलाइन के बाद आईटीआर फाइल करने पर कोई पेनाल्टी नहीं देनी होगी।

लागू हैं शर्तें

हालांकि, बेसिक एक्जम्प्शन लिमिट के तहत आने वाले लोगों के लिए दो अपवाद हैं। कुछ लोगों के लिए इनकम टैक्स फाइल करना अनिवार्य है, भले ही उनकी ग्रॉस इनकम बेसिक एक्जम्प्शन लिमिट से कम हो।

उदाहरण के लिए, सेक्शन 139 (1) के सातवें प्रोविजन के तहत आने वाले लोगों को लेट फीस देनी होगी, भले ही उनकी ग्रॉस इनकम बेसिक एक्जम्प्शन लिमिट से कम हो।

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1) ऐसे लोग जिन्होंने एक बैंक या सहकारी बैंक में अपने एक या कई बैंक खातों में 1 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा धनराशि जमा की है।

2) ऐसे लोग जिन्होंने अपने या किसी भी व्यक्ति के विदेश जाने पर 2 लाख रुपये से ज्यादा धनराशि खर्च की है तो वे भी इसी कैटेगरी में आते हैं।

3) ऐसे लोग जिन्होंने बिजली की खपत पर 1 लाख रुपये से ज्यादा रकम खर्च की है तो वे भी इसी श्रेणी में आते हैं।

दूसरे अपवाद में ऐसे टैक्सपेयर हैं जो किसी विदेशी कंपनी के स्टॉक्स जैसी विदेशी असेट्स रखते हैं। सरल शब्दों में कहें तो ऐसा व्यक्ति जिसकी कमाई बेसिकम इनकम सीमा से कम है, लेकिन वह विदेशी असेट्स रखता है तो उसे डेडलाइन के बाद आईटीआर भरने पर पेनाल्टी देनी होगी।

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