ITR Filing FY22 : ITR 1 से ITR 7 तक, अपने लिए कैसे चुनें सही आईटीआर फॉर्म?

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए कई फॉर्म हैं। सोर्स ऑफ इनकम, टोटल टैक्सेबल इनकम, ऑरिजिन ऑफ एसेट (देशी या विदेशी) आदि के आधार पर फॉर्म का चुनाव करना पड़ता है

अपडेटेड Jul 24, 2022 पर 11:43 AM
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Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने आईटीआर के सात फॉर्म नोटिफाई किए हैं। इनमें ITR-1 से ITR-4 इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए हैं

Income Tax Return Filing FY22 : एसेसमेंट ईयर 2022-23 या वित्त वर्ष 2021-22 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2022 है। विभिन्न सोर्सेज से इनकम के लिए टैक्सपेयर्स को कई आईटीआर फॉर्म (ITR forms) उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे में टैक्सपेयर्स के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके लिए कौन सा आईटीआर फॉर्म सही है।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए कई फॉर्म हैं। सोर्स ऑफ इनकम, टोटल टैक्सेबल इनकम, ऑरिजिन ऑफ एसेट (देशी या विदेशी) आदि के आधार पर फॉर्म का चुनाव करना पड़ता है। Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने आईटीआर के सात फॉर्म नोटिफाई किए हैं। इनमें ITR-1 से ITR-4 इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए हैं। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

ITR 1 फॉर्म या सहज


अगर आप नौकरी करते हैं और फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में आपकी कुल इनकम 50 लाख रुपये तक थी तो आपको इस फॉर्म का इस्तेमाल करना होगा। पेंशन पाने वाले लोगों को भी इसी फॉर्म का इस्तेमाल करना होगा। अगर आपको बैंक में डिपॉजिट से इंटरेस्ट मिलता है, घर से किराए के रूप में इनकम होती है तो भी आपको इसी फॉर्म का चुनाव करना होगा। अगर आपकी एग्रीकल्चर इनकम 5000 रुपये है तो आपको आईटीआर-1 का इस्तेमाल करना होगा।

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ITR 2

वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान जिनकी आय 50 लाख रुपये से ज्यादा रही हो और सैलरी से इनकम के अलावा दूसरे स्रोतों से आय होती है तो आपको आईटीआई-2 का इस्तेमाल करना होगा। दूसरे स्रोतों में कैपिटल गेंस से इनकम, एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी से इनकम, फॉरेन इनकम, फॉरेन एसेट्स, कंपनी में डायरेक्टर बनने पर होने वाली इनकम और अनलिस्टेड शेयर से होने वाली इनकम आती है।

ITR 3

यह फॉर्म उन लोगों के लिए है, जो फॉर्म-2 के लिए तय स्रोतों से इनकम प्राप्त करने के साथ ही किसी बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम हासिल करते हैं। अगर आप किसी फर्म में पार्टनर हैं तो भी आपको आईटीआर-3 का इस्तेमाल करना होगा। इसमें ऐसे व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) आते हैं जिनको बिजनेस या किसी अन्य प्रोफेशन से आय होती है। किसी कंपनी में पार्टनर भी इस फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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ITR 4

यह फॉर्म रेजिडेंट इंडिविजुअल्स, HUF और फर्मों (LLP को छोड़कर) के लिए जिनकी कुल इनकम 50 लाख रुपये तक है और बिजनेस और प्रोफेशन से भी इनकम होती है। इस साल फॉर्म में अगर आप पेंशनर हैं तो आपको यह बताना होगा कि आपको केंद्र सरकार से पेंशन मिलती है या राज्य सरकार से। आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में फॉर्म ध्यान से भरना चाहिए। फॉर्म में गलत जानकारी देने से आपको दिक्कत हो सकती है।

आईटीआर 5 और आईटीआर 6 फॉर्म (ITR 5 Form, ITR 6 Form)

ये दो फॉर्म इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए नहीं हैं। ITR 5 form पार्टनरशिप फर्म, बिजनेस ट्रस्ट, इनवेस्टमेंट फंड्स आदि के लिए है।

ITR 6 उन कंपनियों के लिए है, जो सेक्शन 11 के अलावा पंजीकृत हों।

आईटीआर 7 फॉर्म

ITR 7 Form : यह फॉर्म कंपनियों सहित उन टैक्सपेयर्स के लिए हैं, जो एक्ट के तहत चैरिटेबिल या धार्मिक ट्रस्ट, राजनीतिक दल, रिसर्च एसोसिएशन, न्यूज एजेंसी या इसी तरह के संगठन हों।

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