जब टैक्सपेयर्स अपनी टैक्स लाइबिलिटी से अधिक टैक्स जमा कर देता है तो उसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) से रिफंड मिलता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट राशि का सही हिसाब लगाकर पैसा रिफंड कर देता है। टैक्सपेयर्स अपना आयकर रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल करके रिफंड का लाभ उठा सकते हैं। उन्हें रिटर्न में अपनी आय और डिडक्शन की जानकारी देनी होती है। रिटर्न दाखिल करने के बाद टैक्स रिफंड (Tax Refund) मिलता है।
