जैसे-जैसे टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग की लास्ट डेट नजदीक आ रही है, कई टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि डेडलाइन आगे बढ़ जाएगी। हमारी सलाह है कि रिटर्न भरने के लिए अंतिम दिनों का इंतजार न करें। ऐसे काम जल्द से जल्द करना हमेशा अच्छा रहता है
जैसे-जैसे टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग की लास्ट डेट नजदीक आ रही है, कई टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि डेडलाइन आगे बढ़ जाएगी। हमारी सलाह है कि रिटर्न भरने के लिए अंतिम दिनों का इंतजार न करें। ऐसे काम जल्द से जल्द करना हमेशा अच्छा रहता है। हाल के दिनों में आईटीआर भरना खासा आसान हो गया है। यदि आपने सारे डॉक्यूमेंट इकट्टे कर लिए हैं तो इस पूरे प्रोसेस में 30 मिनट से ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। हम यहां ऐसे 6 प्वाइंट्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें ध्यान में रखने पर आईटीआर भरना आसान हो जाएगा।
निकाल लीजिए फॉर्म 16 या 16ए
सैलरीड टैक्सपेयर्स सबसे पहले अपने इम्प्लॉयर से फॉर्म 16 या 16ए जुटा लें। इसमें आपको बेसिक सैलरी, एचआरए और अन्य भत्तों जैसे हेड्स में इनकम मिल जाएगी। इनमें कई में टैक्स पर छूट हासिल होती है।
-अगर आपकी ग्रॉस टोटल इनकम (कटौती और छूट से पहले) 2.5 लाख रुपये (पुराने टैक्स रेजीम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3 लाख और बहुत वरिष्ठ नागरिकों के लिए 5 लाख रुपये) की लिमिट से ज्यादा हो।
- आपकी बिजनेस में कुल सेल्स या कुल प्राप्तियां 60 लाख रुपये से ज्यादा हों।
-प्रोफेशन से आपकी कुल प्राप्तियां 10 लाख रुपये से ज्यादा हों।
-विदेश यात्रा पर आपके कुल खर्च 2 लाख रुपये से ज्यादा हों।
-आपने सेविंग अकाउंट में 50 लाख या करेंट अकाउंट में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जमा की हो।
-आपका बिजली का बिल 1 लाख रुपये से ज्यादा हो।
-आपके पास विदेशी एसेट या इनकम हो।
-आपका टीडीएस या टीसीएस 25,000 रुपये या उससे ज्यादा हो।
-आपको टीडीएस या रिफंड के लिए क्लेम करना हो।
फॉर्म 26एएस में टीडीएस, टीसीएस की डिटेल्स सत्यापित करें
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने से पहले कुछ डॉक्यूमेंट की जांच जरूर कर लेनी चाहिए। ऐसा ही एक डॉक्यूमेंट है फॉर्म 26AS। फॉर्म 26AS एक कंसोलिटेड टैक्स स्टेटमेंट होता है। इसमें करदाता की आय के अलग-अलग स्रोतों से काटे गए टैक्स का विवरण होता है। जैसे, टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS), टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS), एडवांस टैक्स या सेल्फ-असेसमेंट टैक्स का भुगतान, रेग्युलर टैक्स, रिफंड जैसी डिटेल्स।
कई वजहों से फॉर्म 26AS में दी गई जानकारियां गलत हो सकती हैं। अगर जानकारी गलत है तो उसे सुधरवाना बहुत जरूरी है। इसे सुधरवाने की प्रक्रिया अलग-अलग है। अगर आपकी कंपनी या बैंक ने आपके पैन नंबर के साथ सरकार के पास टैक्स जमा करने में गलती कर दी है, तो आपको टैक्स काटने वाली अपनी कंपनी या बैंक के पास जाना होगा।
एआईएस में इनकम और टीडीएस, टीसीएस डिटेल्स का करें मिलान
एक बार आपने अपने फॉर्म 26AS में टीडीएस और टीसीएस डिटेल्स की जांच कर ली तो फिर एनुअल एन्फोर्मेशन स्टेटमेंट (एआईएस) में डिटेल्स से मिलान करें।
अगर सेविंग बैंक अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज पर चार्टर्ड अकाउंटैंस सवाल उठाएगा तो आप हैरत में पड़ जाएंगे, क्योंकि अक्सर लोग इसकी अनदेखी कर देते हैं। एनुअल एन्फोर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में अब सभी बचत खातों का विवरण भी होता है।
ब्रोकर, एमएफ से कैपिटल गेंस स्टेटमेंट हासिल करें
अगर आपने स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया है तो आपको ब्रोकर और म्यूचुअल फंड्स से कैपिटल गेंस स्टेटमेंट भी ले लेना चाहिए।
अगर आपने कोई प्रॉपर्टी बेची है और टैक्स बचाने के लिए कहीं पर उसे निवेश किया है तो रिटर्न फाइलिंग के दौरान इस ट्रांजेक्शन की डिटेल देना न भूलें। भले ही टैक्स नहीं बनता हो, लेकिन इसकी डिटेल देना जरूरी है।
क्रिप्टो एसेट्स (Crypto assets) की घोषणा
Union Budget 2022 पर 30 फीसदी के क्रिप्टो टैक्स का ऐलान किया गया है। लेकिन यह अगले एसेसमेंट ईयर (2023-24) से लागू होगा।
बांगड़ ने कहा, इनवेस्टर्स में क्रिप्टो टैक्स को लेकर खासा असमंजस है। टैक्स के ऐलान से पहले वे इसे कैपिटल गेन या बिजनेस प्रॉफिट, या एंटीक आइटम्स या पेंटिंग की बिक्री के रूप में घोषित कर सकते थे। हालांकि, अब वर्गीकरण बदल गया है और अब नए असमंजस और आशंकाएं पैदा हो गई हैं। इसलिए, अब क्रिप्टो को एसेट्स या आईटीआर2 के तहत देनदारी के सेक्शन में घोषित करना ही सही तरीका है।