ITR Filling : बिना पेनाल्टी के एसेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (income tax returns) भरने के लिए अब बमुश्किल 15 दिन ही बचे हैं। ऐसे में ज्यादातर लोगों के लिए पेपर वर्क करने में खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
ITR Filling : बिना पेनाल्टी के एसेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (income tax returns) भरने के लिए अब बमुश्किल 15 दिन ही बचे हैं। ऐसे में ज्यादातर लोगों के लिए पेपर वर्क करने में खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
टैक्स रिटर्न की गलत फाइलिंग से प्रोसेस में देरी हो सकती है। इसके चलते आपको संशोधित रिटर्न भी भरना पड़ सकता है। यहां ऐसी कुछ गलतियां बताई जा रही हैं, जिन्हें चार्टर्ड अकाउंटैंट्स ने हाल के रिटर्न फाइलिंग सीजन में आम तौर पर होती देखी हैं।
रिटर्न की फाइलिंग में देरी
जुलाई, 2022 में अभी तक आईटीआर फाइलिंग की गति धीमी रही है। टैक्सबड्डी के फाउंडर सुजीत बांगड़ ने कहा, जुलाई के पहले हफ्ते में सिर्फ 69 लाख फाइलिंग के साथ फाइलिंग की रफ्तार कम रही है और 7 लाख को अभी टैक्स भरना बाकी है। टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अंतिम वक्त में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से बचना चाहिए। जल्दबाजी में रिटर्न फाइल करने से उसमें गलती होने की आशंका ज्यादा रहती है। दूसरा, इनकम टैक्स पोर्टल पर अचानक लोड बढ़ने से सर्वर डाउन हो जाता है। तीसरा, अगर आप डेडलाइन से काफी पहले रिटर्न फाइल करने का प्रोसेस शुरू करते हैं तो आपके पास ऐसे किसी डॉक्युमेंट को जुटाने के लिए टाइम होता है, जो आपके पास नहीं है।
ध्यान से चेंक करें प्री-फिल्ड डिटेल्स
वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आईटीआर फाइलिंग पहले से फाइल JSON यूटिलिटी पर आधारित है, जिसके तहत पर्सनल डिटेल ऑटोमैटिक रूप से टैक्स पोर्टल के ITR फॉर्म में आ जाती है। यह अहम है कि करदाता अपने टैक्स पोर्टल में अपना सही पता, संपर्क नंबर, ईमेल-आईडी प्रदान करें। ध्यान रखें कि गलत जानकारी, उदाहरण के लिए बैंक अकाउंट डिटेल में गलती से रिफंड क्रेडिट प्रक्रिया में दिक्कत आ सकती है।
TaxSpanner.com के कोफाउंडर सुधीर कौशिक ने कहा, “प्री-फिल्ड रिटर्न में कुछ डिटेल्स गायब आ रही हैं। ऐसा विशेष रूप से सेक्शन 80 टीटीए के तहत सीनियर सिटीजंस के दावे में कटौती में हो रहा है। प्रीफिल्ड फॉर्म में सीनियर सिटीजन के लिए लागू 50,000 रुपये की तुलना में 10,000 के डिडक्शन की पेशकश होती है।”
सभी सेविंग्स पर इंटरेस्ट नहीं दिखाता
अगर सेविंग बैंक अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज पर चार्टर्ड अकाउंटैंस सवाल उठाएगा तो आप हैरत में पड़ जाएंगे, क्योंकि अक्सर लोग इसकी अनदेखी कर देते हैं। एनुअल एन्फोर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में अब सभी बचत खातों का विवरण भी होता है।
पिछले इम्प्लॉयर से हुई इनकम को छिपाना
साल के दौरान नौकरी छोड़ने के ज्यादा मामलों के कारण चार्टर्ड अकाउंटैंट कहते हैं कि कई लोगों के पास एक से ज्यादा फॉर्म 16 होते हैं, जिसमें इनकम, टैक्स में कटौती, टैक्स सेविंग आदि का ब्योरा होता है। अब एआईएस के लागू होने से दूसरे इम्प्लॉयर से होने वाली इनकम को छिपाना संभव नहीं है।
प्रॉपर्टी सेल से जुड़ा ब्योरा देना है जरूरी
अगर आपने कोई प्रॉपर्टी बेची है और टैक्स बचाने के लिए कहीं पर उसे निवेश किया है तो रिटर्न फाइलिंग के दौरान इस ट्रांजेक्शन की डिटेल देना न भूलें। भले ही टैक्स नहीं बनता हो, लेकिन इसकी डिटेल देना जरूरी है।
क्रिप्टो एसेट्स (Crypto assets) की घोषणा
Union Budget 2022 पर 30 फीसदी के क्रिप्टो टैक्स का ऐलान किया गया है। लेकिन यह अगले एसेसमेंट ईयर (2023-24) से लागू होगा।
बांगड़ ने कहा, इनवेस्टर्स में क्रिप्टो टैक्स को लेकर खासा असमंजस है। टैक्स के ऐलान से पहले वे इसे कैपिटल गेन या बिजनेस प्रॉफिट, या एंटीक आइटम्स या पेंटिंग की बिक्री के रूप में घोषित कर सकते थे। हालांकि, अब वर्गीकरण बदल गया है और अब नए असमंजस और आशंकाएं पैदा हो गई हैं। इसलिए, अब क्रिप्टो को एसेट्स या आईटीआर2 के तहत देनदारी के सेक्शन में घोषित करना ही सही तरीका है।
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