रेस्टोरेंट्स और होटलों में खाना हर किसी को पसंद होता है। हालांकि आपने अक्सर ऐसा देखा होगा कि होटल में खाना खाने के बाद आपके पास जो बिल आता है उसमें जीएसटी भी जुड़ा हुआ होता है। हालांकि कई सारे लोगों को यह नहीं पता है कि रेस्टोरेंट क बिल पर जीएसटी चुकाना अनिवार्य नहीं है। जी हां यह सच है कि सारे रेस्टोरेंट आपसे बिल पर जीएसटी नहीं वसूल सकते हैं। आप इस बारे में पूरी जानकारी हासिल करके अपने कई सारे पैसे बचा भी सकते हैं। आइये जानते हैं इससे जुड़ी हर एक तरह की डिटेल के बारे में।
क्यों नहीं वसूली जा सकती है जीएसटी
बता दें कि हर एक रेस्टोरेंट आपसे जीएसटी बिल नहीं वसूल सकता है। न ही आपको एक ग्राहक के तौर पर एक्स्ट्रा पैसे देने की कोई जरूरत होती है। ऐसा इस वजह से होता है क्योंकि कुछ रेस्टोरेंट सरकार की खास स्कीम के तहत इनरोल्ड होते हैं। इस स्कीम का नाम है जीएसटी कॉम्पोजीशन स्कीम। इस स्कीम में आने वाले व्यापारियों को केवल अपने सालाना टर्नओवर पर जीएसटी का भुगतान करना होता है।
बता दें कि सरकार की जीएसटी कॉम्पोजीशन स्कीम में 1.5 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले व्यापारी आते हैं। इस टर्नओवर से कम वाले व्यापारी इसका लाभ उठा सकते हैं। बता दें कि जो भी व्यापारी सरकार की इस स्कीम के तहत आते हैं वे ग्राहकों से बिल पर जीएसटी नहीं वसूल सकते हैं। इसलिए जब भी आप किसी रेस्टोरेंट में खाना खाने जाएं और उसका बिल चुकाएं तो यह जरूर चेक कर लें कि कहीं रेस्टोरेंट कॉम्पोजीशन स्कीम के तहत आने वाले रेस्टोरेंट भी तो आपसे बिल पर जीएसटी तो नहीं वसूल कर रहे हैं। अगर कोई रेस्टोरेंट ऐसा करता है तो वह एक अवैध प्रक्रिया के तहत ऐसा कर रहा है।
कैसे लगा सकते हैं इसका पता
आप जिस भी रेस्टोरेंट में खाना खाने जाएं तो सबसे पहले उसके बिल को आप बेहद ही गौर से देखें। जो भी रेस्टोरेंट जीएसटी कॉम्पोजीशन स्कीम के तहत आता है उसे अपने बिल पर यह लिखना जरूरी है कि कॉम्पोजीशन टैक्सेबल पर्सन, नॉट एलिजिबल टू कलेक्ट टैक्स ऑन सप्लाईज। अगर रेस्टोरेंट के बिल पर ऐसा छपा है तो वह रेस्टोरेंट आपके बिल पर जीएसटी नहीं लगा सकता है। साथ ही एक ग्राहक के तौर पर आपके पास यह अधिकार भी है कि आप उसे जीएसटी चुकाने से मना कर दें। साथ ही आप जीएसटी पोर्टल के जरिए यह चेक भी कर सकते हैं कि जिस भी रेस्टोरेंट में आप गए हैं वह अस सुविधा का लाभ ले रहा है या नहीं।
सबसे पहले आपको जीएसटी पोर्टल www.gst.gov.in पर जाना होगा। इसके बाद आपको उस पोर्टल पर सर्च टैक्सपेयर्स के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपको सर्च कॉम्पोजीशन टैक्सपेयर्स के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपको रेस्टोरेंट के बिल पर लिखे जीएसटी नंबर को दर्ज करना होगा। इतना करते ही आपको यह पता चल जाएगा कि रेस्टोरेंट रेगुलर जीएसटी देता है या फिर कंपोजिट। अगर वह रेस्टोरेंट कॉम्पोजिट जीएसटी पेयर है तो बिल पर जोड़ी गई जीएसटी का पेमेंट करने की आपको जरूरत नहीं है। इसके अलावा अगर फिर भी आपको रेस्टोरेंट आपसे जीएसटी वसूलता है तो आप इसकी शिकायत ऑनलाइन तरीके से gstcouncil.gov.in/grievance-redressal-committee-grc पर जाकर कर सकते हैं।