Finance Ministry ने 28 जून को बड़ा ऐलान किया। उसने विदेश में खर्च पर TCS का ज्यादा रेट लागू करने का फैसला तीन महीने के लिए टाल दिया है। पहले 5 फीसदी की जगह 20 फीसदी टीसीएस को सरकार ने 1 जुलाई से लागू करने का फैसला किया था। फाइनेंस मिनिस्ट्री के 28 जून के ऐलान के बाद TCS का बढ़ा हुआ रेट 1 अक्टूबर से लागू होगा। वित्तमंत्रालय ने इस मसले के बारे में एक दूसरा बड़ा ऐलान भी किया है। उसने कहा है कि विदेश में इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से होने वाले खर्च Liberalised Remittances Scheme (LRS) के दायरे में नहीं आएंगे। इसका मतलब है कि 1 अक्टूबर के बाद भी ऐसे ट्रांजेक्शंस पर TCS लागू नहीं होगा।
क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन LRS के दायरे से बाहर
मिनिस्ट्री ने अपने बयान में कहा है, "बैंकों और कार्ड नेटवर्क्स को अपने आईटी आधारित सॉल्यूशंस में जरूरी बदलाव के लिए पर्याप्त समय देने के लिए सरकार ने 16 मई, 2023 के अपने नोटिफिकेशन के इंप्लिमेंटेशन को टालने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि विदेश में इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड के जरिए होने वाले ट्रांजेक्शन अब LRS के दायरे में नहीं आएंगे। इसलिए इन पर टीसीएस नहीं लगेगा। 19 मई, 2023 को जारी की गई प्रेस रिलीज अब निलंबित हो गई है।"
वित्तमंत्री ने संसद में बताया था सरकार का प्लान
वित्त मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण खास तरह के ट्रांजेक्शंस पर 20 फीसदी टीसीएस लागू होने के नियम को लेकर उलझन के कई हफ्ते बाद आया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मार्च में बजट सत्र के दौरान संसद में कहा था कि RBI को विदेश यात्रा के दौरान क्रेडिट कार्ड पेमेंट को LRS के तहत लाने को कहा गया है, क्योंकि ऐसे पेमेंट अभी TCS चुकाने से बच जाते हैं। वित्तमंत्री ने 24 मार्च को कहा था, "उन्हें बताया गया है कि विदेश यात्रा के दौरान क्रेडिट कार्ड्स से होने वाले पेमेंट LRS के तहत कैप्चर नहीं हो रहे हैं।"
बजट में टीसीएस 5 से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का प्रस्ताव
उन्होंने कहा था, "RBI को इस मामले पर विचार करने और विदेश यात्रा के दौरान क्रेडिट कार्ड से पेमेंट को LRS के दायरे में लाने को कहा गया है जिससे उन पर TCS को लागू किया जा सके।" इससे पहले इस साल पेश बजट में फॉरेन टूर पैकेज पर TCS का रेट 5 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का प्रस्ताव पेश किया गया था।
16 मई के नोटिफिकेशन के बाद उलझन की स्थिति
सरकार के 16 मई को जारी नोटिफिकेशन को लेकर काफी उलझन की स्थिति बन गई थी। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया था कि अभी बैंकों का सिस्टम विदेश में होने वाले खर्च की कैटेगरी में फर्क करने में सक्षम नहीं है। सिस्टम अभी यह फर्क नहीं कर सकता कि क्रेडिट कार्ड पर होने वाले पेमेंट एजुकेशन के लिए किया जा रहा है या बीमारी के इलाज के लिए किया जा रहा है।
नियम में बदलाव का आप पर यह होगा असर
वित्त मंत्रालय के नए स्पष्टीकरण के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति विदेश यात्रा के दौरान क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करता है तो वह LRS के दायरे में नहीं आएगा। इसलिए इस पर किसी तरह का टीसीएस लागू नहीं होगा। लेकिन, अगर कोई व्यक्ति इंडिया में फॉरेन ट्रांजेक्शन के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता है वह LRS के तहत आएगा और एक साल में 7 लाख रुपये की सीमा पार कर जाने के बाद उस पर TCS लगेगा।