Income Tax Rules: नए इनकम टैक्स कानून 2025 को लेकर लोगों के मन में यह सवाल था कि क्या अब बैंक ब्याज पर TDS के नियम बदल जाएंगे? क्या छोटे निवेशकों को बैंक इंटरेस्ट पर टैक्स देना होगा? इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए इनकम टैक्स विभाग ने साफ किया है कि नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। पहले की तरह तय लिमिट तक ब्याज पर TDS नहीं कटेगा।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बैंक से मिलने वाले ब्याज पर लगने वाले TDS यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) को लेकर नई सफाई जारी की है। नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 को लेकर लोगों के बीच यह भ्रम था कि क्या अब छोटे ब्याज पर भी TDS कटेगा, लेकिन विभाग ने साफ कहा है कि नियम पहले जैसे ही रहेंगे।
अभी के नियमों के मुताबिक अगर बैंक से मिलने वाला ब्याज तय लिमिट से कम है, तो उस पर TDS नहीं कटता। यह लिमिट आमतौर पर 50,000 रुपये या कुछ मामलों में 1 लाख रुपये तक होती है, जो अलग-अलग केटेगरी के लोगों पर लागू होती है।
नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 में ब्याज पर TDS से जुड़ा प्रावधान सेक्शन 393(1) में दिया गया है। हालांकि, पुराने कानून में कुछ बैंकों का जिक्र साफ तौर पर किया गया था, जो नए कानून में सीधे नहीं दिखता। इसी वजह से लोगों में भ्रम पैदा हुआ।
टैक्स विभाग ने साफ किया है कि इस बदलाव से नियमों में कोई असल फर्क नहीं पड़ा है। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के तहत आने वाले सभी बैंक और संस्थान पहले की तरह ही बैंकिंग कंपनी माने जाएंगे। इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। अगर आपका ब्याज तय लिमिट से कम है, तो पहले की तरह ही TDS नहीं कटेगा।