सिर्फ एक लाख रुपये में यूरोप के इस देश में बिताए 1 महीना, काम के साथ घूमने का मिलेगा मजा
क्या आप भी एक लाख रुपये खर्च करके पूरा एक महीना यूरोप के किसी देश में रहना चाहेंगे? यहां आप ऑफिस का काम करने के साथ यूरोप की गलियों में घूमने का मजा ले सकते हैं। रिमोट वर्क यानी दफ्तर से बाहर काम करने का चलन अब नया नहीं रहा
भारतीय प्रोफेशनल्स अब लैपटॉप उठाकर दुनिया घूम रहे हैं और एक बेहतर, ज्यादा बैलेंस लाइफ जी रहे हैं।
क्या आप भी एक लाख रुपये खर्च करके पूरा एक महीना यूरोप के किसी देश में रहना चाहेंगे? यहां आप ऑफिस का काम करने के साथ यूरोप की गलियों में घूमने का मजा ले सकते हैं। रिमोट वर्क यानी दफ्तर से बाहर काम करने का चलन अब नया नहीं रहा। ज्यादतर प्रोफेशनल पहाडों और समुद्र के किनारे किराये पर घर लेकर वहां अपना काम करना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में ऑफिस के काम के साथ घूमना भी हो जाता है। इसे कहते हैं वर्केशन – यानी ऐसा लाइफस्टाइल, जिसमें आप नए शहरों और देशों में रहकर भी अपना काम जारी रख सकते हैं। भारतीय प्रोफेशनल्स अब लैपटॉप उठाकर दुनिया घूम रहे हैं और एक बेहतर, ज्यादा बैलेंस लाइफ जी रहे हैं।
दूसरे देश में कम खर्च में बेहतर जिंदगी
अब यह सिर्फ छुट्टियों के दौरान लैपटॉप खोलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोग इसे लंबे समय के लिए अपना रहे हैं। इससे न सिर्फ रोजमर्रा की बोरियत दूर होती है, बल्कि कई बार रहने-खाने का खर्च भी कम आता है। ट्रैवल कंपनी Stic के एमडी सुभाष गोयल ने कहा कि वर्केशन अपनाने की एक बड़ी वजह यह भी है कि कई विदेशी जगहों पर जिंदगी भारतीय मेट्रो शहरों से कहीं ज्यादा सस्ती पड़ती है। कुछ देश मुंबई या दिल्ली से भी सस्ते हैं और वहां रहने का लेवल भी अच्छा है। इस गिनती में थाईलैंड का पटया, दुबई, पुर्तगाल, मॉरीशियस, श्रीलंका आदि देश शामिल हैं जहां भारतीय जा रहे हैं।
अब इंडियन प्रोफेशनल्स को महंगे किराए और ट्रैफिक में फंसने की बजाय ऐसी जगहें ज्यादा पसंद आ रही हैं, जहां आराम से और सस्ते में काम कर सकें।
भारतीयों के लिए बेस्ट वर्केशन डेस्टिनेशन
अगर आप भी वर्केशन प्लान कर रहे हैं, तो ये जगहें आपके लिए बेहतरीन हो सकती हैं। यहां एक महीने किराये पर घर लेकर रहने का खर्च 60,000 रुपये से एक लाख रुपये तक आता है। ये बता दें कि इसमें फ्लाइट का खर्च शामिल नहीं है।
वियतनाम और श्रीलंका – यहां आपको शानदार होटल, अलग-अलग तरह का खाना और शहरों के मुकाबले किफायती रेंटल मिलते हैं।
मेक्सिको और थाईलैंड – यहां डिजिटल नोमाड यानी बाहर से काम करने वालों के लिए बढ़िया माहौल और किफायती को-वर्किंग स्पेस मौजूद हैं।
ये हैं वर्केशन के लिए 10 बेस्ट डेस्टिनेशन
बाली, इंडोनेशिया – सस्ते विला, बढ़िया इंटरनेट और डिजिटल नोमाड वीजा की सुविधा।
पटाया, चियांग माई, थाईलैंड – शानदार को-वर्किंग स्पेस, तेज इंटरनेट और कम खर्च।
लिस्बन, पुर्तगाल – पुरानी दुनिया का आकर्षण और डिजिटल वीजा की सुविधा।
दुबई, UAE – एक साल तक रहने की परमिशन वाला वर्चुअल वर्किंग प्रोग्राम।
हो ची मिन्ह सिटी, वियतनाम – सस्ते रहने और खाने-पीने के साथ बेहतरीन कनेक्टिविटी।
मेक्सिको सिटी, मेक्सिको – क्रिएटिव प्रोफेशनल्स के लिए शानदार माहौल।
ब्यूनस आयर्स, अर्जेंटीना – डिजिटल नोमाड्स के लिए नई लेकिन उभरती हुई जगह।
टालिन, एस्टोनिया – टेक और स्टार्टअप्स के लिए बेहतरीन माहौल।
इस्तांबुल, तुर्की – इतिहास और मॉडर्न लाइफ का शानदार मेल।
कोलंबो, श्रीलंका – यहां कम खर्च में आसानी से रह सकते हैं।
काम और लाइफ का सही बैलेंस
वर्केशन का सबसे बड़ा फायदा है कि यह काम और पर्सनल लाइफ में बेहतर तालमेल बैठाने का मौका देता है। सुबह की शुरुआत भीड़-भाड़ वाले ट्रैफिक की बजाय समंदर किनारे वॉक से। लंच ब्रेक में लोकल खाना ट्राय करने या आसपास घूमने का मौका। शाम को एडवेंचर स्पोर्ट्स या रिलैक्सिंग सनसेट मिलता है।